Vivek Agnihotri Praises Varun Dhawa: फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म कश्मीर फाइल्स ने 250 करोड़ रुपये की कमाई की है लेकिन उनकी जिंदगी में वो समय भी था जब वो मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। अब उन्होंने बताया कि इस मुश्किल समय में एक्टर वरुण धवन ने उनकी मदद की थी, जब किसी और से उन्हें मदद नहीं मिली थी।
वरुण धवन के बारे में बोले विवेक अग्निहोत्री
विवेक अग्निहोत्री ने साल 2005 में फिल्म चॉकलेट से फिल्म डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू किया था। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में एक्टर वरुण धवन की तरीफ करते हुए उन्हें अच्छा लड़का बताया। वरुण द्वारा की गई मदद के बारे में बात करते हुए विवेक भावुक हो गए, साथ ही उन्होंने यह साफ किया कि वो एक्टर की तारीफ इसलिए नहीं कर रहे कि वो उनके साथ काम करें।

वरुण का कर्जदार हूं
विवेक ने वरुण के बारे में बात करते हुए कहा, 'मैं वरुण से प्यार करता हूं। मैं वरुण का कर्जदार हूं। मैं यह कैमरा पर नहीं कहना चाहता, यह उनके और मेरे बीच की बात है। उसने उस समय चुपचाप मेरी मदद की थी जब इस दुनिया में कोई भी मेरी मदद नहीं कर रहा था। वो बहुत नेक इंसान है। मैं स्टारडम और इस सब चीजों के बारे में नहीं जानता, लेकिन मैं प्रार्थना करता हूं कि वो हमेशा खुश और बहुत सफल रहें। वो बहुत अच्छा लड़का है। मैं उसे पसंद करता हूं। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा क्योंकि मैं उनके साथ फिल्म करना चाहता हूं। मेरी आंखें भी नम हो रही हैं, क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में मेरी मदद की थी जब मैं बिल्कुल भी उम्मीद नहीं कर सकता था कि उनके जैसा कोई व्यक्ति मेरी मदद करेगा।'
फिल्म की कहानी
मालूम हो कि वरुण धवन ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स की तारीफ की थी। फिल्म के एक्टर दर्शन कुमार ने बताया था कि वरुण ने उन्हें पर्सनल कॉन्टैक्ट कर फिल्म में उनके काम की तारीफ की थी। मालूम हो कि 11 मार्च को रिलीज हुई इस फिल्म में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार जैसे एक्टर्स हैं। यह फिल्म 90 के दशक में कश्मीर में हुए कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं के नरसंहार की कहानी पर आधारित है। इस फिल्म में विवेक अग्निहोत्री ने बखूबी यह दिखाया है कि कैसे मजबूत और ताकतवर प्रशासन और सरकार होने के बावजूद भी कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं को अपने शहर कश्मीर से पलायन होना पड़ा।

