100 Years Of Mohammed Rafi: ऐसा कहा जाता है कि एक कलाकार कभी नहीं मरता है। वो दुनिया से जाने के बाद भी अपने काम के जरिए लोगों के दिलों में जिंदा रहता है और सालों-साल उनका मनोरंजन करता रहता है। भारत के महान गायक मोहम्मद रफी भी इसी लिस्ट में शामिल हैं, जिनकी आवाज का जादू अब तक लोगों के कानों में शहद की तरह घुल रहा है। मोहम्मद रफी आज अगर जिंदा होते तो अपना 100वां जन्मदिन मनाते लेकिन वक्त ने उन्हें दुनिया से छीन लिया। मोहम्मद रफी जब अपने करियर के शिखर पर थे तब उनके और लता मंगेशकर के बीच लड़ाई की काफी खबरें उड़ती थीं। ऐसा बताया जाता था कि लता दीदी को रफी साहब के साथ गाना गाने में परेशानी होती है और वो इससे बचने की कोशिश करती हैं। जब ये खबरें मीडिया में लम्बे समय तक छायी रहीं तब लता दीदी ने इन पर जुबान खोली और रफी साहब संग अनबन की सच्चाई बयां की।
रफी साहब से कभी खफा नहीं थीं लता दीदी
लता मंगेशकर और रफी साहब समकालीन गायक थे, जिनके गाने आज तक लोगों के बीच मशहूर हैं। इन दोनों ने साथ में भी कई सारे गाने गाए, जो सुपरहिट हुए। जब ये दोनों बॉलीवुड पर राज कर रहे थे तब इनके बारे में ये बात फैलने लगी कि ये एक-दूसरे के साथ गाना पसंद नहीं करते हैं। लता दीदी ने एक वक्त इन अफवाहों पर बात की और सच्चाई पूरे देश को बताई।
लता मंगेशकर ने मोहम्मद रफी संग लड़ाई की खबरों पर कहा, 'रफी साहब और मेरे बीच किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। हमारे बीच लड़ाई की खबरें बेबुनियाद हैं और हम एख-दूसरे की काफी इज्जत करते हैं। जब भी हमने साथ में गाना गाया है, हमने एक-दूसरे को कुछ न कुछ सिखाया ही है। मन रे तू काहे धीर धरे, और दिन ढल जाए तो मेरे पसंदीदा गाने हैं, जो रफी साहब ने गाए हैं।'
लता दीदी के बारे में ये बात फेमस थी कि वो कम बोलती हैं लेकिन पते की बात कहती हैं। रफी साहब के साथ उनकी लड़ाई की अफवाहों को भी उन्होंने बहुत ही शानदार तरीके से झूठ बताया ताकि न तो उनके और न ही रफी साहब के फैंस को बुरा लगे। आज ये दोनों ही लीजेंड इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन लोग इनके गाने जमकर एन्जॉय करते हैं।
