Revanth Reddy Profile: तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आ चुकी है। 30 नवंबर को राज्य में मतदान होगा और 3 दिसंबर को नतीजे आएंगे। यहां के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार सत्ता में है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा ने उनसे कुर्सी छीनने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। खास तौर पर भाजपा की ओर से हो रहे धुआंधार प्रचार ने राज्य की सियासत को दिलचस्प बना दिया है।
रेवंत रेड्डी
इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा रेवंत रेड्डी की है। तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। इतना ही नहीं अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार भी माना जाने लगा है। ऐसे में आइए जानते हैं रेवंत रेड्डी के बारे में, वे कैसे कांग्रेस का चेहरा बने और कैसा रहा उनका सियासी सफर...
2017 में कांग्रेस में हुए थे शामिल
रेवंत रेड्डी 17वीं लोकसभा के सदस्य हैं। मल्काजगिरी निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने लोकसभा चुनाव जीता था। इससे पहले उन्होंने 2009 में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के टिकट पर कोडंगल सीट से चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस के पांच बार के विधायक गुरुनाथ रेड्डी के खिलाफ जीत हासिल की थी। 2014 के चुनाव में भी उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की थ। हालांकि, 2017 में वे टीडीपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसके बाद जून 2021 में उन्हें तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
एबीवीपी से की राजनीति की शुरुआत
रेवंत रेड्डी ने अपनी राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की। 2006 में उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मिडजिल मंडल से ZPTC सदस्य के रूप में चुने गए। 2007 में रेवंत रेड्डी को एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य के रूप में चुना गया था, जिसके बाद वे तेलुगु देशम पार्टी में शामिल हो गए।
केसीआर के खिलाफ मैदान में
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जिस सीट की चर्चा है तो वह है कामारेड्डी। गजवेल विधानसभा क्षेत्र के साथ इस सीट पर भी तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं इस सीट पर उनके सामने कांग्रेस के रेवंत रेड्डी हैं। रेवंत रेड्डी इसके अलावा कोडंगल विधानसभा सीट से भी मैदान में हैं।
