West Bengal Election: पश्चिम बंगाल चुनाव में ड्यूटी कर रहे पांच पुलिस अधिकारियों को चुनाव आयोग ने सस्पेंड कर दिया है। इन पर कई बड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें निष्पक्ष नहीं रहने का भी आरोप है। चुनाव आयोग ने इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
चुनाव आयोग ने 5 पुलिस अधिकारियों को किया सस्पेंड
क्या है इन अधिकारियों पर आरोप?
चुनाव आयोग के मुताबिक, इन अधिकारियों पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन न करने के आरोप हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ चुनाव के दौरान शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने निष्पक्षता नहीं बरती। इसके बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच की और कार्रवाई का फैसला लिया।
कौन-कौन से पांच अधिकारी हुए सस्पेंड?
निलंबित अधिकारियों में डायमंड हार्बर के एडिशनल एसपी संदीप गरई, एसडीपीओ साजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने के इंस्पेक्टर इन चार्ज मौसम चक्रवर्ती, फाल्टा थाने के प्रभारी अजय बाग और उस्ती थाने की अधिकारी शुभेच्छा बाग शामिल हैं।
चुनाव आयोग लगातार ले रहा है एक्शन
निर्वाचन आयोग ने उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज के प्रभारी अधिकारी (ओसी) को पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने के आरोपों के बाद निलंबित करने का आदेश दिया। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला को भेजे गए एक पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल द्वारा 21 अप्रैल को भेजी गयी एक रिपोर्ट की जांच की है जिसमें पक्षपात की शिकायतों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं ’’स्थानीय तत्वों’’ के बीच कथित सांठगांठ का उल्लेख किया गया है।
आयोग के 23 अप्रैल के आदेश में कहा गया है, ’’मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद आयोग निर्देश देता है कि हिंगलगंज के प्रभारी अधिकारी संदीप सरकार को निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए।’’
चुनाव के बीच ईसी का बड़ा कदम
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य में चुनावी माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है और आयोग हर स्तर पर निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। पहले चरण का चुनाव हो चुका है और दूसरे चरण के लिए मतदान 29 अप्रैल को होगा। वहीं रिजल्ट 4 मई को आएगी।
