Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार रविवार को समाप्त हो गया। अब मंगलवार को राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा। इस चरण की खास बात यह है कि मौजूदा सरकार के कुल 12 मंत्रियों की साख और भविष्य का फैसला भी इन्हीं सीटों पर होगा। इसके साथ ही तीन दलों के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व उपमुख्यमंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और 24 पूर्व मंत्री भी इसमें अपनी किस्मत आजमाने उतर चुके हैं।
कल इन नेताओं का तय होगा भविष्य
12 मौजूदा मंत्रियों की किस्मत का फैसला
इस चरण में बिजली, उद्योग, परिवहन, पीएचईडी, गन्ना उद्योग, आपदा प्रबंधन, फूड एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन, भवन निर्माण, सहकारिता, तकनीकी शिक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण और पशुपालन विभाग के मौजूदा मंत्री मैदान में हैं। इनमें सुपौल के बिजेन्द्र प्रसाद यादव, झंझारपुर के नीतीश मिश्र, फुलपरास की शीला मंडल, छातापुर के नीरज कुमार सिंह बबलू, हरसिद्धी के कृष्णनंदन पासवान, सिकटी से विजय कुमार मंडल, धमदाहा से लेशी सिंह, अमरपुर से जयंत राज, गया टाउन के डॉ. प्रेम कुमार, चकाई से सुमित कुमार सिंह, चैनपुर से जमा खान और बेतिया की रेणु देवी शामिल हैं।
और भी कई दिग्गज मैदान में
पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद कटिहार से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी सिकंदरा से ताल ठोक रहे हैं। कई पूर्व मंत्री भी इस रेस में हैं, जिनमें विनय बिहारी, नारायण प्रसाद, शमीम अहमद, राणा रणधीर सिंह, प्रमोद कुमार, सुनील कुमार पिंटू, विनोद नारायण झा समेत कई नाम शामिल हैं।
राजनीतिक घरानों के वारिसों की भी अग्निपरीक्षा
इस चरण में कई राजनीतिक घरानों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मांझी परिवार की बहू दीपा कुमारी और समधन ज्योति देवी चुनावी मैदान में हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता, पूर्व सांसद आनंद मोहन-लवली आनंद के बेटे चेतन आनंद, गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन, और गोपाल नारायण सिंह के बेटे त्रिविक्रम सिंह समेत कई राजनीतिक परिवारों के वारिस भी इस बार मैदान में उतर चुके हैं। इसके अलावा जमुई से अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह भी इस चरण में किस्मत आजमा रही हैं।
दूसरे चरण को लेकर उत्साह
दूसरे चरण में दिग्गजों की बड़ी तादाद को देखते हुए यह चरण बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। मंगलवार को होने वाला मतदान न सिर्फ कई बड़े नेताओं की राजनीतिक दिशा तय करेगा बल्कि सरकार और विपक्ष दोनों के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाला है।
