Bihar Elections 2025: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां बनाना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है और पार्टी आलाकमान ने तय किया है कि चुनावों से जुड़े सभी फैसले पटना में ही लिए जाएंगे। इस बीच, महागठबंधन में थोड़ी बहुत नाराजगी भी देखने को मिल रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह का बड़ा बयान सामने आया।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (बाएं) और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (दाएं) (फाइल फोटो)
कौन होगा CM उम्मीदवार?
कांग्रेस सांसद ने शनिवार को साफ कर दिया कि महागठबंधन के पास बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई के संवाददाता ने जब अखिलेश प्रसाद से सवाल किया कि विपक्ष तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा बनाने के लिए तैयार है? तो उन्होंने जवाब दिया कि कोई दूसरा विकल्प नहीं है। तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री चेहरा होंगे।
उन्होंने कहा कि अभी भी तेजस्वी यादव कॉर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन हैं, बिहार में नेता प्रतिपक्ष हैं और पिछली बार 2020 में वही महागठबंधन के सीएम फेस थे।
बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर या नवंबर में हो सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग (ECI) ने अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं किया है। भाजपा, जद(यू) और लोजपा से मिलकर बना राजग बिहार में अपना कार्यकाल जारी रखना चाहता है, जबकि राजद, कांग्रेस और वामदलों से मिलकर बना महागठबंधन या कहें इंडिया ब्लॉक नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने की जुगत में लगा है।
तारिक अनवर नाराज
ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस की हाल ही में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की अहम बैठक से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर नदारद रहे। सूत्रों के मुताबिक, तारिक अनवर का कहना है कि जब सीट बंटवारे का फैसला ही नहीं हुआ तो उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग का क्या औचित्य है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस ने 17 मौजूद विधायकों को नाम फाइनल कर लिया है और बाकियों पर नवरात्रि के बाद फैसला कर सकती है।
2020 में किसका पलड़ा रहा भारी
243 सदस्यों वाली वर्तमान बिहार विधानसभा में राजग के 131 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 80, जद(यू) के 45, हम(एस) के 4 और 2 निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन शामिल है। वहीं, विपक्ष के इंडिया ब्लॉक में 111 सदस्य हैं, जिनमें राजद के 77, कांग्रेस के 19, भाकपा (माले) के 11, माकपा के 2 और भाकपा के 2 विधायक हैं।
