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बीजेपी को किन राज्यों में हो रहा बड़ा नुकसान, अब तक के रुझानों से समझें लोकसभा चुनाव में 'खेला होने' का पूरा गुणा-गणित

Lok Sabha Election Results 2024: देश की 543 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझान चौंकाने वाले हैं। रुझानों में बीजेपी उत्तर प्रदेश की 25, हरियाणा की 6, राजस्थान की 10, पश्चिम बंगाल की करीब 7 सीटें गंवाती दिख रही है। इन सभी सीटों पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।

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Lok Sabha results

Photo : Times Now Digital

Lok Sabha Election Results 2024: देश की 543 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझान चौंकाने वाले हैं। रुझानों में इंडिया गठबंधन बेहतर प्रदर्शन करता दिख रहा है तो एनडीए गठबंधन को बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, रुझानों में एनडीए गठबंधन 296 सीटों पर आगे चल रहा है तो इंडिया गठबंधन 228 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाले परिणाम उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों से सामने आ रहे हैं। यहां की 36 लोकसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी बढ़त बनाए हुए है तो कांग्रेस प्रत्याशी 9 सीट पर आगे चल रहे हैं। वहीं, भाजपा 32 सीटों पर बढ़त बनाए है।

चुनाव आयोग के अब तक के आंकड़ों को देखें तों भाजपा को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है। यहां बीजपी को कई सीटों का नुकसान हो रहा है और ये सीटें इंडिया गठबंधन के खाते में जाती दिख रही हैं। आइए जानते हैं भारतीय जनता पार्टी और एनडीए को किन राज्यों में कितना नुकसान हो रहा है।

राज्य सीट भाजपा + (आगे)कांग्रेस + (आगे)अन्य भाजपा को नुकसान/फायदा
उत्तर प्रदेश8037421-25
बिहार 403370-7
पश्चिम बंगाल 4211310-7
राजस्थान 2514101-11
तमिलनाडु 391371+1
मध्य प्रदेश 292900+1
गुजरात262510-1
कर्नाटक 282080-5
आंध्र प्रदेश 252005+20
केरल202171+2
हरियाणा 10460-6
(नोट - अब तक के रुझानों के अनुसार)

इन राज्यों में बीजेपी को बड़ा नुकसान

लोकसभा चुनाव परिणाम के अब तक के रुझानों को देखें तो भाजपा को सबसे बड़ा नुकसान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे राज्यों में हो रहा है। रुझानों में बीजेपी उत्तर प्रदेश की 25, हरियाणा की 6, राजस्थान की 10, पश्चिम बंगाल की करीब 7 सीटें गंवाती दिख रही है। इन सभी सीटों पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।
Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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