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पंजाब के चुनावी रण में कुल कितने उम्मीदवार? सभी 13 लोकसभा सीटों पर 1 जून को वोटिंग; जानें मतदाताओं का गुणा-गणित

Punjab Election: पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों पर 1 जून को मतदान होने है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इस दिन अंतिम चरण की वोटिंग है, इसके बाद हर किसी को चार जून का इंतजार होगा। क्या आप जानते हैं कि इस बार पंजाब में कुल कितने उम्मीदवार मैदान में हैं? आपको वोटर्स का सारा हिसाब-किताब समझाते हैं।

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पंजाब लोकसभा चुनाव का गुणा-गणित समझिए।

Photo : Times Now Digital

Lok Sabha Election News: लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण की वोटिंग में अब कुछ ही घंटों को वक्त बचा है। इसमें पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटें बेहद खास है। सूबे में पहली बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, जिसके बाद उसे उम्मीद है कि सभी सीटों पर यहां जीत हासिल करेगी। 1 जून को वोटिंग के बाद इसके बाद हर किसी को चार जून का इंतजार होगा। क्या आप जानते हैं कि इस बार पंजाब में कुल कितने उम्मीदवार मैदान में हैं? आपको वोटर्स का सारा हिसाब-किताब समझाते हैं।

पंजाब के मैदान में कुल कितने उम्मीदवार?

इस बार के लोकसभा चुनाव में पंजाब का समीकरण बेहद दिलचस्प है। यहां की 13 सीटों के लिए कुल 598 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। निर्वाचन आयोग ने 407 उम्मीदवारों का नामांकन स्वीकार किया और 167 लोगों का नामांकन रद्द कर दिया। जिसके बाद 27 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। फिलहाल 328 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं, जिनकी किस्मत का फैसला 1 जू को होगा।

1.20 लाख चुनाव कर्मियों को किया तैनात

एक जून को होने वाले मतदान के मद्देनजर केंद्रीय बलों के जवानों सहित करीब 70 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में मतदान के लिए 1.20 लाख चुनाव कर्मियों को तैनात किया गया है। राज्य की 13 लोकसभा सीट पर मतदान शनिवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक जारी रहेगा।

जानिए पंजाब के मतदाताओं का हिसाब

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राज्य में कुल 2,14,61,739 मतदाता हैं, जिनमें 1,12,86,726 पुरुष, 1,01,74,240 महिलाएं और 773 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं की कुल संख्या के मुकाबले इस बार सात लाख अधिक मतदाता मतदान करेंगे।

पहली बार कितने मतदाता डालेंगे वोट?

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ नोडल अधिकारी और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी एम.एफ फारूकी भी मौजूद थे। अधिकारी ने बताया कि 5,38,715 मतदाता 18 से 19 साल के आयु वर्ग के हैं, जो पहली बार मतदान करने के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा कि एक जून को होने वाले चुनाव के लिए 70 फीसदी से ज्यादा मतदान का लक्ष्य रखा गया है। पंजाब में 2019 लोकसभा चुनाव में 65.96 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो राष्ट्रीय औसत से कम था।

मतदान केंद्रों पर पीने का पानी का इंतजाम

उन्होंने मतदान के मद्देनजर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर कहा कि राज्य पुलिस बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और होमगार्ड सहित लगभग 70 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुल 24,451 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और इनमें से 5,694 की पहचान संवेदनशील मतदान केंद्र के रूप में की गयी है। अधिकारी ने बताया कि भीषण गर्मी के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर पीने का पानी, छाया के लिए तिरपाल, छबील (मीठा पानी) और मेडिकल किट की व्यवस्था की गई है।

सुनिश्चित की जाएंगी ये सारी जरूरी सुविधाएं

उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों पर बिजली, फर्नीचर, रैंप और शौचालय सहित जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। राज्य में 85 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और दिव्यांगों के लिए घर से मतदान की सुविधा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 12,843 मतदाता पहले ही इस सुविधा का लाभ उठाकर मतदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 1.90 लाख मतदाता और 1.50 लाख दिव्यांग मतदाता हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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