मुर्शिदाबाद (बहरामपुर, डोमकल, जंगीपुर विधानसभा) इलेक्शन 2026 रिजल्ट LIVE Updates: जैसे राष्ट्रीय राजनीति में एक बात कही जाती है कि दिल्ली की गद्दी का रास्ता यूपी से होकर निकलता है, वैसे ही एक कहावत पश्चिम बंगाल में भी कही जाती है कि वहां सत्ता का रास्ता मुर्शिदाबाद से होकर गुजरता है। इसी कहावत को देखते हुए पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के मतदान के बाद से सभी की निगाहें मुस्लिम राजनीति की लैब कहे जाने वाले मुर्शिदाबाद की ओर लगी हैं। बांग्लादेश से सटे इस जिले में 22 विधानसभा सीटें आती हैं। कभी यह जिला कांग्रेस के दिग्गज अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था, लेकिन फिर ममता बनर्जी ने इसमें सेंधमारी की और 2021 के चुनावों में 22 में से 20 सीटें जीतीं। इस बार भी ममता बनर्जी यहां फिर वही करिश्मा दोहराने की ओर देख रही हैं, वहीं भाजपा और कांग्रेस भी जोर आजमाइश कर रही है। इस बार जिले की 22 में से कुछ ऐसी सीटें हैं, जिन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इनमें बहरामपुर, डोमकल, जंगीपुरा से लेकर रेजीनगर और नऔदा विधानसभा सीटें शामिल हैं।
मुर्शिदाबाद की इन पांच सीटों पर रहेगी सबकी नजर। (फोटो- टाइम्स नाउ नवभारत)
बहरामपुर
बहरामपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के सुब्रता मैत्रा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हरा दिया है। भाजपा नेता को 91088 वोट मिले, जबकि अधीर रंजन चौधरी को 73540 वोट हासिल हुए। दोनों के बीच जीत का अंतर 17548 रहा। वहीं, टीएमसी के नेरु गोपाल मुखर्जी तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें 49586 वोट मिले। पांच बार के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी से 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद विधानसभा चुनाव में उतरे थे।
डोमकल
इसी जिले की एक और विधानसभा सीट है डोमकल, जो मुर्शिदाबाद की दूसरी सबसे हॉट सीट है। 1967 में अस्तित्व में आई इस सीट पर अब तक 14 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से 11 बार सीपीआईएम चुनाव जीती। 1969 और 1972 में कांग्रेस और 2021 में टीएमसी ने सीपीआईएम को हराया। 2021 में TMC के जाफिकुल इस्लाम ने सीपीएम के मोहम्मद मुस्तफिजुर रहमान को बड़े अंतर से हराया था। डोमकल की एक खास बात यह है कि अभी तक यहां कभी भी कोई गैर मुस्लिम चुनाव नहीं जीता है। इस बार डोमकल विधानसभा सीट पर भाजपा ने नंदुलाल पाल और सीपीएम ने मोहम्मद मुस्ताफिजुर रहमान तो टीएमसी ने हुमाऊं कबीर (पूर्व IPS) को चुनावी मैदान में उतारा था। ऐसे में वाम दल को इस बार उम्मीद थी कि भाजपा अगर टीएमसी के वोट काटती है तो फिर से इस सीट पर कब्जा जमा सकती है। सीपीएम की उम्मीदों को पंख लगे और उसके उम्मीदवार मोहम्मद मुस्ताफिजुर रहमान 16296 वोटों से चुनाव जीत गए। उन्हें कुल 107882 वोट मिले।
जंगीपुर विधानसभा
जंगीपुरा विधानसभा सीट पर भाजपा के चित्त मुखर्जी ने जीत हासिल की है। उन्हें 91201 वोट मिले। उन्होंने बीड़ी किंग के नाम से मशहूर टीएमसी प्रत्याशी जाकिर हुसैन को 10 542 वोटों के अंतर से हराया। जाकिर हुसैन को 80659 वोट मिले।
पश्चिम बंगाल की जंगीपुर विधानसभा सीट मुर्शिदाबाद जिले की एक प्रमुख राजनीतिक सीट है। पहले यह क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन पिछले एक दशक में यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) का वर्चस्व बढ़ा है। भाजपा भी यहां दूसरे मुख्य दल के रूप में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। यहां से वर्तमान विधायक जाकिर हुसैन हैं, जिन्होंने 2021 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के बैनर तले जीत हासिल की थी।
नौउदा
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तरह की मस्जिद बनाने का प्रस्ताव रखने वाले एजेयूपी संस्थापक हुमायूं कबीर ने नौदा जीत दर्ज कर ली है। निर्वाचन आयोग ने इस पर मुहर लगा दी है। बता दें कि मुर्शिदाबाद जिले की नौउदा विधानसभा सीट इस बार ममता बनर्जी के बागी और निर्वासित विधायक हुमायूं कबीर के कारण चर्चा में थी। वे यहां से चुनावी मैदान में थे। 1951 में गठित की गई नौउदा सीट पर अब तक 2019 के उपचुनाव सहित 18 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें कांग्रेस नौ बार, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी)चार बार और टीएमसी ने दो बार जीत दर्ज की है। इसके अलावा, प्रगतिशील मुस्लिम लीग, भारतीय संघ मुस्लिम लीग और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी एक-एक बार यह सीट अपने नाम की है। टीएमसी नेता साहिना मुमताज बेगम ने 2019 के उपचुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के सुनील कुमार मंडल को बड़े अंतर से हराया था। इसके बाद 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के अनुपम मंडल को भी मात दी। साहिना मुमताज बेगम ने वो चुनाव 74,153 वोटों के बड़े अंतर से जीता था। इस बार यहां से टीएमसी से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर अपनी आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ चुनावी मैदान में थे। कबीर ने चुनाव से ऐन पहले बाबरी मस्जिद की नींव रखकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था, जिसके कारण इस सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है। यहां से भाजपा ने राणा मंडल, कांग्रेस ने मतिउर रहमान और टीएमसी ने एक बार फिर साहिना मुमताज खान पर भरोसा जताया था।
