Maharashtra and Gujarat Assembly Bypolls 2026: गुजरात और महाराष्ट्र की कुल तीन विधानसभा सीटों पर आज उपचुनावों को लेकर वोटिंग हो रही है। इन सभी उपचुनावों के नतीजे 4 मई को आएंगे। बता दें कि आज बंगाल और तमिलनाडु में भी चुनाव है।
महाराष्ट्र-गुजरात के इन तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव। AI IMAGE
कहां-कहां हो रही वोटिंग?
महाराष्ट्र के बारामती (Baramati) और राहुरी (Rahuri) विधानसभा सीट वोटिंग होनी है। इसके अलावा गुजरात की उमरेठ विधानसभा सीट पर वोटिंग हो रही है।
बात करें तीनों राज्यों में मतदान प्रतिशत की तो सुबह 11 बजे तक आए शुरुआती आंकड़ों में मतदाताओं की भागीदारी मध्यम स्तर की रही है। चुनाव आयोग के अनुसार, गुजरात की उमरेठ सीट पर अब तक 25.65% मतदान दर्ज किया गया है। वहीं महाराष्ट्र की बारामती सीट पर 20.55% और राहुरी सीट पर 18.22% वोटिंग हुई है।
अजित पवार के निधन के बाद बारामती सीट हुई थी खाली
महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट एनसीपी प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश दुर्घटना में निधन के बाद खाली हो गई है। जिसके चलते यहां पर उपचुनाव हो रहा है। इस सीट से महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) चुनाव मैदान में हैं। दिवंगत पति अजित पवार की सीट से उपचुनाव लड़ रही सुनेत्रा पवार की जीत पक्की मानी जा रही है।
सुनेत्रा पवार के निर्विरोध चुनाव जीतने की उम्मीद
सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी महायुति गठबंधन में शामिल उद्वव ठाकरे की शिवसेना यूटीबी, शरद पवार की एनसीपी ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। वहीं कांग्रेस ने सुनेत्रा के खिलाफ जो उम्मीदवार उतारा था उसकी उम्मीदवारी भी वापस ले ली। । तीनों विपक्षी पार्टियों ने दिवंगत अजित पवार के सम्मान में ये उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सुबह-सुबह बारामती के गंगूबाई कांटे जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय में स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
वहीं, भाजपा विधायक शिवाजीराव कर्डिले के निधन के बाद महाराष्ट्र की राहुरी विधानसभा सीट खाली हो गई थी। इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा के अक्षय कर्डिले (दिवंगत विधायक के बेटे) और महाविकास आघाड़ी की ओर से एनसीपी (शरद पवार गुट) के गोविंद मोकाटे के बीच माना है।
गुजरात की उमरेठ विधानसभा सीट पर उपचुनाव का कारण भाजपा विधायक गोविंदभाई परमार का मार्च 2026 में निधन है। उनके निधन के बाद सीट रिक्त हो गई, जिसके चलते निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की। यह उपचुनाव स्थानीय स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
