इलेक्शन

Lucknow Election: सबसे सुरक्षित सीट पर एक बार फिर भाजपा का डंका बजाएंगे राजनाथ सिंह? जानें लखनऊ का चुनावी इतिहास

Lucknow Chunav: पिछले 37 सालों से भाजपा को इस पर कोई भी पार्टी पटखनी नहीं दे सकी है। लगातार दो बार से इस सीट से सांसद चुने जा रहे राजनाथ सिंह एक बार फिर यहां ताल ठोक रहे हैं। लखनऊ को भाजपा के लिए यूपी की सबसे सुरक्षित सीट है। आपको बताते हैं इस सीट का चुनावी इतिहास।

Image

रविदास मेहरोत्रा vs राजनाथ सिंह।

Photo : Times Now Digital

Rajnath Singh vs Ravidas Mehrotra: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सियासत में अपना डंका बजाने की कोशिशें तमाम पार्टियां करती हैं। वो कहावत है न कि दिल्ली जाने का रास्ता यूपी से ही होकर गुजरता है, क्योंकि सबसे अधिक 80 लोकसभा सीटों वाले सूबे की अहमियत का बखान कर पाने के लिए शब्द काफी नहीं हैं। लखनऊ लोकसभा सीट पर वर्ष 1991 से भारतीय जनता पार्टी का एकछत्र राज है। पिछले 37 सालों (1991 से 2024- खबर लिखे जाने तक) भाजपा को इस पर कोई भी पार्टी पटखनी नहीं दे सकी है। लगातार दो बार से इस सीट से सांसद चुने जा रहे राजनाथ सिंह एक बार फिर यहां ताल ठोक रहे हैं।

यूपी में BJP की सबसे सुरक्षित सीट है लखनऊ

लखनऊ को भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित है, क्योंकि पिछले कई चुनावों में इसके प्रतिद्वंदी टक्कर देना तो दूर आस पास भी नहीं रहे हैं। राजनाथ को पिछले दोनों चुनाव में बड़ी ही आसानी से जीत हासिल हो रही है, इस बार भी उनकी मुश्किलों में इजाफा होता नहीं दिख रहा है। आपको बताते हैं कि राजनाथ के खिलाफ कौन-कौन चुनावी मैदान में है।

लखनऊ की जंग में कौन-कौन दावेदार?

क्रमांकउम्मीदवार का नामपार्टी
1मोहम्मद सरवर मलिकबहुजन समाज पार्टी
2रविदास मेहरोत्रासमाजवादी पार्टी
3राजनाथ सिंहभारतीय जनता पार्टी
4मो अहमद उर्फ रिंकूसोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया
5कपिल मोहन चौधरीमेरा अधिकार राष्ट्रीय दल
6गौरव वर्माहिंदू समाज पार्टी
7बृजेश कुमार यादवकिसान विश्व पार्टी
8सरवर अलीसरवर पार्टी
9अखंड प्रताप सिंहनिर्दलीय
10इश्तियाक अलीनिर्दलीय
माना जा रहा है कि इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के राजनाथ सिंह का मुकाबला सपा के रविदास मेहरोत्रा से हो रहा है। यहां से कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। बसपा ने इस सीट से सरवर मलिक को मैदान में उतारा है, जिन्होंने कहीं न कहीं सपा को नुकसान पहुंचाया होगा। अब आपको बताते हैं कि इस सीट से कब कौन सांसद रहा है।

कब कौन चुना गया लखनऊ सीट से सांसद?

वर्षनामपार्टी
1952विजया लक्ष्मी पंडितभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1955 (उपचुनाव)श्योराजवती नेहरूभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1957पुलिन बिहारी बनर्जीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962बीके धौनभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967आनंद नारायण मुल्लानिर्दलीय
1971शीला कौलभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977हेमवती नंदन बहुगुणाजनता पार्टी
1980शीला कौलभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1984शीला कौलभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989मांधाता सिंहजनता दल
1991अटल बिहारी वाजपेयीभारतीय जनता पार्टी
1996अटल बिहारी वाजपेयीभारतीय जनता पार्टी
1998अटल बिहारी वाजपेयीभारतीय जनता पार्टी
1999अटल बिहारी वाजपेयीभारतीय जनता पार्टी
2004अटल बिहारी वाजपेयीभारतीय जनता पार्टी
2009लाल जी टंडनभारतीय जनता पार्टी
2014राजनाथ सिंहभारतीय जनता पार्टी
2019राजनाथ सिंहभारतीय जनता पार्टी
लखनऊ लोकसभा सीट पर पांचवें चरण में 20 मई को मतदान हुए थे। सात चरण में हुए लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पहले चरण में 19 अप्रैल, दूसरे चरण में 26 अप्रैल, तीसरे चरण में 7 मई, चौथे चरण में 13 मई, पांचवें चरण 20 मई, छठे चरण में 25 मई और अंतिम चरण में 1 जून को वोटिंग हुई, जिसके परिणाम 4 जून को आएंगे।
Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article