चौथे चरण का चुनाव: अधिकतर सीटों पर कांटे की टक्कर, कम मार्जिन से जीत का रहा है इतिहास

2019 के चुनावों में चौथे चरण की इन सीटों पर ज्यादातर कांटे की टक्कर देखी गई थी। किसी भी पार्टी ने 40 प्रतिशत से अधिक अंतर से सीट नहीं जीती।

Lok Sabha Election 2024: 2024 का लोकसभा चुनाव सीटों के मामले में आधे का आंकड़ा पार कर चुका है। 13 मई को चौथे चरण का मतदान होगा। चौथे चरण में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 96 सीटों के लिए 1,717 उम्मीदवार मैदान पर होंगे। यह चरण खास तौर पर दिलचस्प है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में स्विंग सीटें शामिल हैं। यानी ऐसी सीटें जहां पिछले तीन चुनावों में किसी भी एक पार्टी ने लगातार जीत हासिल नहीं की है।

voting in 4th phase

चौथे चरण में होगी कांटे की टक्कर

21 स्विंग सीटें

चौथे चरण में 21 ऐसी स्विंग सीटें हैं जहां कांटे का मुकाबला रहता है। इन सीटों पर किसी पार्टी को लगातार जीत हासिल नहीं होती है। ये सीटे हैं- अमलापुरम, अनाकापल्ली, अनंतपुर, बापटला, एलुरु, काकीनाडा, नरसापुरम, राजमुंदरी, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, खम्मम, श्रीनगर, मुंगेर, भोंगिर, मल्काजगिरी, सिंहभूम, आदिलाबाद, बर्दवान-दुर्गापुर, कालाहांडी, करीमनगर और निज़ामाबाद। इन सीटों पर इस बार नतीजा देखने लायक रहेगा।

ये सीटें पार्टियों का गढ़

इस चरण में 20 सीटें ऐसी हैं जो किसी न किसी पार्टी का गढ़ हैं। इनमें महबूबनगर, मेडक, मावल, शिरडी, बहरामपुर, नलगोंडा, अहमदनगर, बीड, दरभंगा, इंदौर, जलगांव, जालना, खरगोन, खूंटी, लोहरदगा, रावेर, बेरहामपुर, बीरभूम, कृष्णानगर और हैदराबाद शामिल हैं। 20 में से 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी का गढ़ हैं, जबकि दो-दो सीटें भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), शिवसेना (SHS), कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ हैं। एक-एक सीट एआईएआएम (AIMIM) और (BJD) के पास भी है।

End of Feed