Lok Sabha Elections: किशनगंज सीट पर हुए लोकसभा चुनाव के इतिहास में अब तक सिर्फ एक बार किसी गैर मुस्लिम नेता को जीत मिली है, वो भी वर्ष 1967 में। यही नहीं यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झोली में सिर्फ एक बार जीत आई। मोदी लहर के बावजूद बिहार की यही एकमात्र ऐसी सीट है, जिस पर NDA को शिकस्त झेलनी पड़ी। किशनगंज का चुनावी इतिहास बड़ा ही रोचक है। आपको इस सीट का सारा समीकरण समझाते हैं।
किशनगंज सीट का चुनावी इतिहास जानें।
2019 में भाजपा के साथी जदयू को मिली थी शिकस्त
बिहार समेत देशभर में मोदी लहर चल रही थी। भाजपा विरोधी दलों के नेता मोदी नाम की आंधी के सामने धूल फांक रहे थे। बिहार में भाजपा ने जदयू और लोजपा के साथ चुनाव लड़ा और सभी 40 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा, मगर 40 की 40 सीटों पर जीत हासिल करने के ख्वाब को कांग्रेस ने चकनाचूर कर दिया। बीते 15 सालों से इस सीट पर कांग्रेस पार्टी का ही कब्जा है। 2019 के चुनाव में कांग्रेस के मोहम्मद जावेद और जदयू के सैयद महमूद अशरफ आमने सामने थे, पर अफसोस उन्हें मोदी लहर में भी 34 हजार 466 वोटों से हार झेलनी पड़ी। नीचे देखिए 2019 के चुनाव में किसे कितने वोट मिले।
किशनगंज लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे
| पार्टी | प्रत्याशी | वोट | वोटशेयर |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | मोहम्मद जावेद | 367,017 | 33.32% |
| जनता दल (यूनाइटेड) | सैयद महमूद अशरफ | 3,32,551 | 30.19% |
| AIMIM | अख्तरुल ईमान | 2,95,029 | 26.78% |
अब तक सिर्फ एक गैर मुस्लिम नेता को मिली जीत
साल था 1967, जब किशनगंज सीट पर हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार गैर मुस्लिम नेता को जीत हासिल हुई थी। प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के लखन लाल कपूर ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। लखन लाल का नाम उस वक्त चर्चा में आया था इमरजेंसी के 18 महीने बाद देश में हुए आम चुनाव में लखन लाल कपूर ने पूर्णिया सट से माधुरी सिंह को 92 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी। किशनगंज सीट से लखन लाल के अलावा अब तक मोहम्मद ताहिर, जमीलुर्रहमान, एमजे अकबर, सैयद शहाबुद्दीन, तस्लीमुद्दीन, शाहनवाज हुसैन, असरारुल हक कासमी और मोहम्मद जावेद सांसद रहे हैं।
किशनगंज सीट पर भाजपा के सिर्फ नेता को मिली जीत
भाजपा के लिए किशनगंज सीट का इतिहास कुछ खास नहीं रहा है। यहां हर चुनाव में भाजपा के नेताओं को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। हालांकि जब 1999 में अटल बिहार वाजपेयी की सरकार बनी थी, तब इस सीट पर शाहनवाज हुसैन ने जीत हासिल की थी। इसके बाद वाजपेयी सरकार में उन्हें वर्ष 2003 में केंद्रीय कपड़ा मंत्री बनाया गया था।
किशनगंज लोकसभा चुनाव 1999 के नतीजे
| पार्टी | प्रत्याशी | वोट | वोट शेयर |
| भारतीय जनता पार्टी | सैयद शाहनवाज हुसैन | 258,035 | 35.5% |
| राष्ट्रीय जनता दल | तस्लीमुद्दीन | 249,387 | 34.3% |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी | असरारुल हक कासमी | 197,478 | 27.1% |
