Jharkhand Assembly Elections Result 2024: झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले झामुमो, कांग्रेस, राजद, सीपीआई (एमएल) गठबंधन का लगातार दूसरी बार सत्ता में आना तय हो गया है। चुनाव में 56 सीटों पर बढ़त के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपने दोनों बेटों के साथ मस्ती करते हुए तस्वीर शेयर की और उन्हें अपनी शक्ति बताया। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल है। तस्वीर में वे अपने बेटे के गले लग रहे हैं। एक यूजर सूरज कुमार ने पोस्ट पर लिखा है कि ऐतिहासिक जीत के लिए अनंत बधाई मुख्यमंत्री जी। आपके अपनों ने भी आपको धोखा दिया पर आप चट्टान की तरह डटे रहे और अत्यंत ही शानदार लड़ाई लड़ी। वहीं, मुकेश कुमार ने लिखा है कि इस बार झारखंड के छात्रों का भी ख्याल रखिएगा। पारदर्शी तरीके से सारा एग्जाम कंडक्ट करवाइएगा, ये विनती है आपसे।
बच्चों को दुलारते दिखे सीएम हेमंत
वहीं, झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि लोग बांटने आए थे, कट गए। उन्होंने कहा कि जनता ने महागठबंधन पर अपना भरोसा जताया है। रांची में चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। कल्पना सोरेन के गांडेय से चुनाव जीतने के बाद उनके परिजनों ने भी उन्हें बधाई दी। चुनाव के नतीजों से कल्पना सोरेन खुश नजर आईं। बता दें कि दोपहर 3.30 बजे तक चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार, सत्तारूढ़ गठबंधन 81 में से 5 सीटों पर जीत दर्ज कर चुका है। जबकि, 51 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
20 राउंड की होगी काउंटिंग
झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बरहेट विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गमलियाल हेम्ब्रोम के खिलाफ बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रुझानों से यह जानकारी मिली। बरहेट सीट पर करीब 19 राउंड की काउंटिंग खत्म हो चुकी अब सिर्फ 1 राउंड की वोटिंग बाकी है। पूरे राज्य में जेएमएम का परचम लहरा ही रहा। बरहेट सीट सेमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी जीत रहे हैं। 20 वें राउंड तक सोरेन 37334 मतों से आगे चल रहे हैं। उन्होंने एक ट्विट पर 'मेरी शक्ति' लिखकर पोस्ट किया है। उस तस्वीर में वो बच्चों को गले लगाते दिख रहे हैं।
2019 में 2 सीटों से चुनाव लड़े थे हेमंत
सोरेन ने 2019 में दो सीट - बरहेट और दुमका से चुनाव लड़ा था और उन्होंने दोनों सीट पर क्रमशः 25,740 और 13,188 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। बाद में, उन्होंने दुमका सीट खाली कर दी थी जहां से उनके भाई बसंत सोरेन उपचुनाव में निर्वाचित हुए थे। इस साल 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धनशोधन मामले में गिरफ्तार किए जाने से कुछ समय पहले सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद 28 जून को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। उन्हें तीन जुलाई को झामुमो विधायक दल का नेता चुना गया।
