Jammu and Kashmir Assembly Election 2024 : जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के रंगत पकड़ते ही राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। नेता एक दूसरे पर हमला करने लगे हैं। महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने अनुच्छेद 370 को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। अनंतनाग सीट से नामांकन दाखिल करने वाले पीडीपी उम्मीदवार ने कहा है कि 'महबूबा मफ्ती के नेतृ्त्व में पार्टी ने हमेशा जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के मुद्दे को उठाया है। इंडिया अलायंस की जहां तक बात है तो वह राष्ट्रीय स्तर का गठबंधन है। कांग्रेस के शासन के दौरान यहां के लोगों को स्पेशल स्टेटस दिया गया था, कांग्रेस में यदि साहस है तो उसे अपने घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) में लिखना चाहिए कि वे इस राज्य को दोबारा विशेष राज्य का दर्जा देंगे, लेकिन वे ऐसा नहीं लिख सकते। हालांकि, अल्पसंख्यकों की आवाज उठाने के लिए वह राहुल गांधी को सैल्यूट करते हैं।'
जम्मू कश्मीर में 10 साल के बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
फारूक अब्दुल्ला बोले-हमारा गठबंधन हो चुका है
दरअसल, विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और फारूअक अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन हुआ है लेकिन पीडीपी को इसमें शामिल नहीं किया गया है। पीडीपी इंडिया अलायंस का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव में भी उसे इंडिया अलायंस की तरफ से सीटें नहीं दी गई। गठबंधन में रहते हुए वह अकेले लड़ी। अनंतनाग सीट से खुद महबूबा मुफ्ती को हार का सामना करना पड़ा। पीडीपी को उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव में उसे गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के लिए सीटें दी जाएंगी लेकिन फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को साफ कर दिया कि विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी, कांग्रेस और माकपा के बीच बात तय हो गई है। अब इसमें किसी और पार्टी की जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन चुनाव जीतने में सक्षम है।
जम्मू कश्मीर में 3 चरणों में चुनाव
जम्मू कश्मीर में विधानसभा की 90 सीटें हैं और यहां तीन चरणों में चुनाव होगा। चुनाव नतीजे 4 अक्टूबर को होंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उम्मीद है कि इस बार के चुनाव में वह बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी सरकार बनाएगी। वहीं, भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन को ‘अपवित्र’ बताते हुए शुक्रवार को कांग्रेस से पूछा कि क्या वह अपने सहयोगी के ‘भारत को तोड़ने’ के एजेंडे का समर्थन करती है। इससे एक दिन पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू- कश्मीर की सभी 90 विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन की घोषणा की। जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद वहां सितंबर में पहली बार विधानसभा चुनाव होने हैं।
सत्ता पाने के लिए एक अपवित्र गठबंधन बना-BJP
भाजपा की नेता स्मृति ईरानी ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सत्ता पाने के लिए एक अपवित्र गठबंधन बना है। कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक साथ आकर गठबंधन की घोषणा की है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।” उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की है कि सत्ता में आने पर वह अनुच्छेद 370 और 35 ए को बहाल करेगी। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या वह अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली पार्टी के भारत को तोड़ने के एजेंडे का समर्थन करती है। ईरानी ने पूछा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस एक अलग झंडे की बात करती है। क्या कांग्रेस पार्टी जम्मू- कश्मीर के लिए अलग झंडे के नेशनल कॉन्फ्रेंस के वादे का समर्थन करती है।”
