Gokak Karnataka Election Results 2023: कर्नाटक का गोकक विधानसभा क्षेत्र बेलगाम जिले के अंतर्गत आता है। मौजूदा बीजेपी विधायक रमेश जरकीहोली का मुकाबला कांग्रेस के महंतेश कडाडी से है। गोकक विधानसभा क्षेत्र में 2,38,221 मतदाता हैं, जिनमें 1,16,816 पुरुष और 1,20,085 महिला मतदाता हैं। इस सीट पर मतगणना जारी है। रुझानों में रमेश जरकीहोली पीछे चल रहे हैं।
गोकक से छह बार विधायक रह चुके हैं रमेश जारकीहोली (फोटो- फेसबुक)
गिरा दी थी सरकार
गोकाक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक रमेश जरकिहोली ने 2019 में कांग्रेस-जद (एस) सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।जिसके बाद भाजपा कर्नाटक की सत्ता में आने में सफल रही थी। रमेश जारकीहोली लगातार छह बार से इस सीट से विधायक हैं। जारकीहोली ने 1999 के चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर गोकक विधानसभा सीट जीती और 2004, 2008, 2013 और 2018 में इसे बरकरार रखा। 2019 में, उन्होंने भाजपा में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी और उपचुनाव में फिर से गोकक सीट जीती।
कौन हैं रमेश जरकीहोली
रमेश जरकिहोली ने 1981 में जेएसएस कॉलेज, कर्नाटक विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वह एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका बेलगाम में चीनी मिल का व्यवसाय है और वह राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नायक समुदाय से हैं। रमेश जरकीहोली उन 17 विधायकों में शामिल थे, जो 2019 में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गए, जिसके कारण कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार गिर गई। 2020 में, जारकीहोली को बी एस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में जल संसाधन विभाग दिया गया था। सेक्स टेप स्कैंडल में फंसने के एक साल बाद उन्होंने "नैतिक आधार पर" इस्तीफा दे दिया। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके भाई सतीश जारकीहोली यमकानमर्दी सीट से कांग्रेस के विधायक हैं और एक अन्य भाई बालचंद्र जारकीहोली अरभवी निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं।
आज की समीकरण
रमेश जरकीहोली इस सीट से जहां सातवीं जीत की तलाश में हैं, वहीं जेडीएस उम्मीदवार ने उन्हें हराने के लिए बड़ा खेल खेल दिया है। कांग्रेस जरकीहोली को हराकर, बदला भी लेने की तलाश में है, जो जेडीएस उम्मीदवार के सहारे पूरा हो सकता है। दरअसल पहले इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला था। बीजेपी-कांग्रेस और जेडीएस के बीच, लेकिन चुनाव से पहले ही जेडीएस उम्मीदवार चंदन गिद्दनवर ने बिना पार्टी नेतृत्व को बताए, पर्चा वापस ले लिया और मुकाबला सीधे बीजेपी और कांग्रेस के बीच हो गया। यहां जेडीएस उम्मीदवार ने कांग्रेस उम्मीदवार डॉ महंतेश कडाडी के पक्ष में प्रचार करना शुरू कर दिया। जेडीएस के मैदान में हटने से जहां कांग्रेस को फायदा होगा, वहीं बीजेपी के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
