झारखंड के माओवादी क्षेत्र में कैसे कराई जाएगी वोटिंग? जानें लोकसभा चुनाव के लिए क्या है निर्वाचन आयोग का प्लान

Election News: निर्वाचन आयोग ने जानकारी साझा की है कि झारखंड के माओवादी क्षेत्र में चुनाव कर्मियों को हवाई मार्ग से पहुंचाया जा रहा है। सिंहभूम लोकसभा सीट एशिया के सबसे घने साल जंगल ‘सारंडा’ का भी घर है, जो देश में वामपंथी उग्रवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।

Jharkhand Election: झारखंड में मतदान शुरू होने में लगभग 36 घंटे शेष हैं लेकिन नक्सल प्रभावित सिंहभूम क्षेत्र में ट्रेन और हेलीकॉप्टर के माध्यम से चुनाव कर्मियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके कारण कई क्षेत्रों में पहली बार या कई दशकों के बाद मतदान होने जा रहा है। सिंहभूम लोकसभा सीट एशिया के सबसे घने साल जंगल ‘सारंडा’ का भी घर है, जो देश में वामपंथी उग्रवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।

Jharkhand Lok Sabha Election

माओवादी क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए क्या है आयोग का प्लान?

हेलीकॉप्टर के जरिये रवाना हुए 78 मतदान दल

पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी कुलदीप चौधरी ने कहा, 'कुल 95 मतदान दलों को शनिवार को चक्रधरपुर से राउरकेला के लिए एक विशेष ट्रेन के माध्यम से रवाना किया गया। अपने गंतव्य स्थाल मनोहरपुर, जराइकेला और पोसैता स्टेशन पर पहुंचने के बाद, वे अपने निर्धारित मतदान केंद्रों तक वाहन से या पैदल पहुंचेंगे।' चौधरी ने कहा कि 78 मतदान दलों को हेलीकॉप्टर के जरिये रवाना किया गया। उन्हें मनोहरपुर और जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्रों के नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने के लिए तीन हेलीकॉप्टर एक साथ लगाए गए थे।

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