NOTA in Delhi Assembly Election : दिल्ली विधानसभा चुनाव में छह सीट पर चुनाव लड़ने वाले वामपंथी दलों को सभी क्षेत्रों में ‘उपरोक्त में कोई नहीं’ (NOTA) से भी कम वोट मिले।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने करावल नगर और बदरपुर से उम्मीदवार उतारे थे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) विकासपुरी और पालम से मैदान में थी और भाकपा (माले) लिबरेशन ने नरेला एवं कोंडली सीट से चुनाव लड़ा था।
वाम दलों को कुल मिलाकर 2,158 वोट मिले
छह सीट पर वाम दलों को कुल मिलाकर 2,158 वोट मिले, जबकि नोटा को 5,627 वोट मिले। करावल नगर में माकपा ने प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता एवं वकील अशोक अग्रवाल को मैदान में उतारा था, जिन्हें केवल 457 वोट मिले, जबकि 709 वोट नोटा को गए।
बदरपुर में माकपा के उम्मीदवार जगदीश चंद को 367 वोट मिले, जबकि विजेता उम्मीदवार, आम आदमी पार्टी (आप) के राम सिंह नेताजी को 1,12,991 वोट मिले और 915 वोट नोटा को गए। विकासपुरी से भाकपा उम्मीदवार शेजो वर्गीस को 580 वोट मिले, जबकि 1,127 वोट नोटा को गए।
भाजपा ने 70 में से 44 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया
गौर हो कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 44 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को कुल 22 सीटें ही मिलीं। बीजेपी को इस बार कुल 40 सीटों का फायदा हुआ तो उतनी ही सीटों का घाटा आम आदमी पार्टी को हुआ। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन भी चुनाव हार गए।
केजरीवाल नयी दिल्ली सीट पर भाजपा के प्रवेश वर्मा से हारे
केजरीवाल नयी दिल्ली सीट पर भाजपा के प्रवेश वर्मा से 4,089 मतों के अंतर से हार गए। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जंगपुरा सीट पर भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह से 675 मतों से हार गए। भारतीय जनता पार्टी 26 वर्षों से अधिक समय के बाद दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है।
