UP Nagar Nikay Chunav 2023 : उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार अंतिम दौर में पहुंच चुका है। राज्य में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP)और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच माना जा रहा है लेकिन कई जगहों पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी मुकाबले में है। यूपी का निकाय चुनाव के नतीजों को काफी अहम माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले देश के सबसे बड़े सूबे में हो रहे इस चुनाव पर सभी की नजरें लगी हैं। चुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी माना जा रहा है लेकिन एक हालिया सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि भाजपा के लिए यह चुनाव उतना आसान नहीं रहने वाला है। इस सर्वे के मुताबिक समाजवादी पार्टी भगवा पार्टी को कड़ी टक्कर दे रही है।
सर्वे में लोगों ने योगी सरकार के कामकाज पर भी अपनी राय दी है।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा की जीत का अनुमान
नगर निकाय चुनाव पर एबीपी न्यूज-सी वोटर का सर्वे सामने आया है। इस सर्वे में चुनाव में भाजपा की जीत की उम्मीद जताई गई है। सर्वे में कहा गया है कि भाजपा को इस चुनाव में 45 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं जबकि सपा के खाते में 31 फीसदी वोट जा सकते हैं। चुनाव में बसपा को बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिलने की बात कही गई है। मायावती की पार्टी को 7 फीसदी वोट मिल सकता है। कांग्रेस को सात फीसदी वोट मिलने की बात कही गई है।
सीएम योगी के कामकाज से 51 फीसदी लोग खुश
इस सर्वे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में भी लोगों की राय ली गई है। राज्य के 51 फीसदी लोग योगी सरकार के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। 14 प्रतिशत लोग थोड़ा-बहुत संतुष्ट हैं जबकि पांच प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। 21 प्रतिशत लोगों ने योगी के कामकाज से पूरी तरह असंतुष्टि जताई है। बता दें कि यूपी नगर निकाय चुनाव दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण का मतदान चार मई को और दूसरे चरण का मतदान 11 मई को होगा। चुनाव नतीजे 13 मई को आएंगे।
भाजपा ने इस बार मुस्लिम उम्मीदवार उतारे
इस बार चुनाव में सपा एवं रालोद ने अपने साथ भीम पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद को जोड़ा है। भीम पार्टी के जरिए सपा दलित वोट बैंक में सेंधमारी करना चाहती है। तो वहीं भाजपा ने इस बार बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। बसपा अपने दलित-मुस्लिम समीकरण के साथ चुनाव मैदान में है।
