Sherghati Assembly Constituency (शेरघाटी विधानसभा सीट): बिहार के गयाजी जिले में स्थित शेरघाटी विधानसभा सीट का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 1972 में इस सीट को समाप्त कर दिया गया था। जिसके बाद 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट दोबारा अस्तित्व में आई। वर्तमान में शेरघाटी से आरजेडी की मंजू अग्रवाल विधायक हैं। वे यहां से पहली बार विधायक बनीं। पिछले चुनाव में इस सीट पर बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिला था। 2020 के चुनाव से ठीक पहले एलजेपी एनडीए से अलग हो गई थी। हालांकि अब एलजेपी फिर से एनडीए में शामिल हो गई है। ऐसे में इस बार सीधा मुकाबला एनडीए और RJD के बीच देखने को मिल सकता है। शेरघाटी सीट पर इस बार चुनाव दूसरे चरण में 11 नवंबर को होने वाले हैं।
शेरघाटी विधानसभा सीट
कब बनी शेरघाटी विधानसभा सीट
शेरघाटी विधानसभा सीट पहली बार 1957 में बनी। लेकिन 1977 में यह सीट समाप्त कर दी गई। जिसके बाद 2008 के परिसीमन के बाद इसे फिर से स्थापित किया गया। इस सीट पर किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं रहा। आजादी के बाद से यहां अब तक कुल 8 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। जिनमें कांग्रेस 3 बार और जेडीयू ने 2 बार जीत हासिल की। वहीं आरजेडी, जन क्रांति दल और एक निर्दलीय उम्मीदवार को एक-एक बार जीत मिली। हालांकि 2010 और 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से जेडीयू की पकड़ मजबूत हुई। लेकिन 2020 में चुनाव से ठीक पहले एलजेपी एनडीए से अलग हो गई। इस चुनाव में आरजेडी ने 16 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं लोजपा को 24,107 वोट मिले।
ये भी पढ़ें - Gurua Assembly Elections 2025: क्या है गुरुआ विधानसभा क्षेत्र का चुनावी समीकरण, जानें किस पार्टी का गढ़ रही है ये सीट?
शेरघाटी विधानसभा चुनाव 2020 का परिणाम
| राजनीतिक पार्टी | उम्मीदवार | कुल वोट |
| RJD | मंजु अग्रवाल | 61,804 |
| JDU | विनोद प्रसाद यादव | 45,114 |
| LJP | मुकेश कुमार यादव | 24,107 |
क्या है शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र जातीय समीकरण
शेरघाटी विधानसभा सीट एक सामान्य सीट है। जहां पर अनुसूचित जाति के वोटरों की संख्या अधिक है। क्षेत्र में 34.2 फीसदी एससी वोटर्स हैं। वहीं मुस्लिम वोटरों की कुल आबादी 14.5 फीसदी हैं। इसके अलावा यहां यादव समुदाय की आबादी भी अच्छी-खासी है।
शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
शेरघाटी एक ग्रामीण इलाका है, जहां पर ज्यादातर मतदाता गांवों में निवास करते हैं। 2020 में इस क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 2,74,401 थी, जिसमें से 63.11 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटरों की संख्या बढ़कर 2,80,517 हो गई थी। इस क्षेत्र में ग्रामीण वोटरों का प्रतिशत 90.22 है, शेष शहरी वोटर हैं।
