Gopalpur Assembly Election 2025: बिहार में 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव का आयोजन 2 चरणों में किया जाएगा। इन 243 सीटों में भागलपुर जिले की गोपालपुर विधानसभा भी शामिल है। बता दें कि गोपालपुर धीरे-धीरे एक स्थानीय व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। अब आप सोच रहे होंगे क्यों? तो बता दें कि यह क्षेत्र विशेष रूप से रेशम के लिए उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यह वही रेशम हैं, जिसे देश-विदेश में भागलपुरी सिल्क के रूप में जाना जाता है। इसलिए यह क्षेत्र एक व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। न केवल राजनीतिक कारणों से बल्कि व्यापारिक कारणों से भी गोपालपुर एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
गोपालपुर विधानसभा चुनाव 2025 (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
गोपालपुर विधानसभा सीट कब बनी थी।
गोपालपुर विधानसभा सीट 1957 में स्थापित की गई थी। पिछले 68 वर्षों में 16 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। बता दें कि शुरुआती 8 चुनावों में कांग्रेस और सीपीआई का वर्चस्व रहा। कांग्रेस ने 5 बार तो सीपीआई ने तीन बार जीत का झंडा लहराया। बीजेपी और जनता दल ने 1-1 बार जीत हासिल की।
गोपालपुर विधानसभा चुनाव 2025: उम्मीदवारों की लिस्ट
बिहार चुनाव 2025 में की तारीखों की घोषणा और सीटों के बंटवारे के बाद राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जा रही है। अभी तक गोपालपुर सीट पर चुनाव लड़ने वाले जनता दल यूनाइटेड बुलो मंडल का नाम सामने आया है।
गोपालपुर विधानसभा चुनाव 2025 कब होगा
बिहार की 243 सीटों पर चुनाव दो चरण में होंगे। पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। बता दें की दूसरे चरण में गोपालपुर विधानसभा सीट पर मतदान होगा, जिसमें जनता अपने पसंदीदा पार्टी और उम्मीदवार को वोट करेंगी।
गोपालपुर चुनाव के रिजल्ट
2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के नरेंद्र कुमार नीरज की जीत हुई थी। नरेंद्र ने राष्ट्रीय जनता जल के शैलेश कुमार को हराया था। उस चुनाव में नरेंद्र कुमार नीरज को 75,533 वोट और शैलेश कुमार को 51,072 वोट प्राप्त हुए थे। बता दें कि 2010 और 2015 के बाद 2020 में जनता दल यूनाइटेड के नरेंद्र कुमार ने जीत की हैट्रिक मारी थी।
गोपालपुर विधानसभा सीट पर जातीय समीकरण
गोपालपुर विधानसभा सीट पर 2020 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2,70,432 थी। 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या बढ़कर 2,77,227 हो गई। इसमें अनुसूचित जाति के मतदाता 6.97 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के 1.1 प्रतिशत, मुस्लिम मतदाता 7.3 प्रतिशत थे। यह ग्रामीण बहुल निर्वाचन क्षेत्र है।
