Muzaffarpur Seat:'शाही लीची' जितना खास है मुजफ्फरपुर का चुनावी इतिहास, यहां भाजपा और कांग्रेस की कड़ी टक्कर

Bihar Assembly Election 2025 Muzaffarpur Seat: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का राज्य की राजनीति में एक प्रमुख स्ठान है, क्या हैं यहां की विधानसभा सीट के चुनावी समीकरण और खास बातें, जानिए यह सब...

Bihar Assembly Election 2025 Muzaffarpur Seat: बिहार का मुजफ्फरपुर जिला न सिर्फ अपनी मीठी 'शाही लीची' के लिए मशहूर है, बल्कि यह बिहार की राजनीति का एक ऐसा चुनावी अखाड़ा है, जहां का इतिहास खुद चुनावी नतीजों में अपनी छाप छोड़ता है। मुजफ्फरपुर विधानसभा सीट का सफर 1957 में शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक, इसने कभी किसी एक दल को अपना स्थायी 'बादशाह' नहीं बनने दिया।

Bihar Assembly Election 2025 Muzaffarpur Seat

मुजफ्फरपुर जिले का राजनीति में एक प्रमुख स्ठान है

यह सीट अप्रत्याशित परिणामों के लिए जानी जाती है और यहीं से बिहार की राजनीति को कई बड़ी हस्तियां मिली हैं। 1957 में महामाया प्रसाद ने दिग्गज कांग्रेसी नेता महेश बाबू को हराया था। बाद में यही महामाया प्रसाद 1967 में बिहार के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने थे। मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र, मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छह विधानसभा सीटों में से एक है। यह मुख्य रूप से एक शहरी सीट है, जहां करीब 88 प्रतिशत से अधिक शहरी मतदाता हैं, जो इसे उत्तर बिहार की व्यावसायिक राजधानी का दर्जा भी देता है।

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