मुख्यमंत्री : बिहार के 22वें मुख्यमंत्री, हार के बाद राजनीति से सन्यास लेने का मन बना लेने वाले नीतीश कुमार कैसे बने सुशासन बाबू

अपने पहले ही दो चुनाव में लगातार दो हार के बाद राजनीति छोड़ने का मन बना चुके नीतीश कुमार ने दिखाया कि हार को मात देकर कैसे किंग और किंगमेकर बनते हैं। वह रिकॉर्ड 9 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष मुख्यमंत्री सीरीज में आज जानिए नीतीश कुमार के सफर के बारे में।

बिहार के मौजूदा और 22वें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति को सोशल इंजीनियरिंग की मिसाल कहा जाता है। उनके शासन को उनकी पार्टी और गठबंधन के साथ ही कई बड़े पत्रकार और जानकार भी सुशासन कहते हैं। नीतीश कुमार साल 2000 में 7 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे, जबकि उनकी पार्टी और गठबंधन के पास बहुमत भी नहीं था। इसके बाद 2005 में वह पूर्ण रूप से बहुमत के साथ मुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार अब तक कुल 9 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं और इस दौरान उन्होंने चार बार पलटी भी मारी। यानी कभी वह NDA का साथ छोड़कर कांग्रेस व RJD के साथ महागठबंधन बना लेते हैं तो कभी महागठबंधन को छोड़कर वापस NDA का दामन थाम लेते हैं। नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन की शुरुआत में एक समय ऐसा भी आया, जब एक के बाद एक लगातार दो चुनाव हारने के बाद उन्होंने राजनीति से सन्यास लेने का मन बना लिया था। फिर कुछ ऐसा हुआ कि वह तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए और चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। बिहार चुनाव के मद्देनजर हम आपके लिए अपनी खास मुख्यमंत्री सीरीज के तहत राज्य के 22वें मुख्यमंत्री तक पहुंच गए हैं। चलिए जानते हैं नीतीश कुमार का सफरनामा।

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बिहार के 22वें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रिकॉर्ड 9 बार ले चुके हैं शपथ

जब नीतीश कुमार नहीं मुन्ना कहलाते थे

नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को पटना के बख्तियारपुर में हुआ था। उनके पिता कविराज राम लखन सिंह आयुर्वेदिक वैद्य थे और मां परमेश्वरी देवी घर-परिवार व खेती की देखभाल करती थीं। नीतीश कुमार का बचपन का नाम मुन्ना था और माता-पिता इसी नाम से उन्हें पुकारते थे। पिता के पास जब इलाज के लिए ज्यादा मरीज आ जाते थे तो मुन्ना उनकी मदद करते थे, आयुर्वेदिक दवाओं की पुड़िया बनाते थे। आयुर्वेदिक डॉक्टर के साथ ही नीतीश के पिता कांग्रेस के एक्टिव सदस्य भी थे, इसलिए वह बचपन से ही राजनीति को अच्छे से समझ रहे थे। जब नीतीश कुमार की उम्र 6 साल हुई तो उन्हें बख्तियारपुर के गणेश हाईस्कूल में पढ़ने के लिए भेजा गया। 10वीं करने के बाद साल 1967 में उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया गया। उन्होंने पटना के बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया, जिसे अब NIT पटना कहते हैं। यहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

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