मुख्यमंत्री : चुनावों में मिली जीत, फिर भी सीएम की कुर्सी गंवा बैठे बिहार के 16वें मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के तहत हम आपके लिए लेकर आए हैं अपनी स्पेशल सीरीज 'मुख्यमंत्री।' आज हम बात करेंगे राज्य के 16वें मुख्यमंत्री रहे चंद्रशेखर सिंह के बारे में, जिन्हें उनके औचक निरीक्षण के कारण धोती-कुर्ते वाला IAS कहा जाने लगा था। चुनाव जीतकर भी चंद्रशेखर सिंह कुर्सी गंवा बैठे।

बात 1952 की है। बात पहले बिहार विधानसभा चुनाव की है। देश के आजाद होने के बाद बिहार में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे थे। चुनाव में खड़े होने का एक नियम था, जिसके तहत 25 साल से कम उम्र का व्यक्ति उम्मीदवार नहीं बन सकता। मार्च-अप्रैल 1952 में विधानसभा चुनाव हुए और एक ऐसा शख्स चुनाव में खड़ा हो गया, जो अगस्त में 25 साल का होने वाला था। मतलब चुनाव के समय उस शख्स की उम्र 25 साल नहीं हुई थी और इस लिहाज से वह चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं थे। फिर भी न सिर्फ उस शख्स ने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी दर्ज की। चुनाव जीतने के बाद 17 अगस्त 1952 को यह शख्त 25 साल का हुआ। नामांकन पत्र में जन्म का साल, गांव, जिला लिखा, दो प्रस्तावक व पार्टी सिंबल दिए। दस्तावेजी सबूत भी जमा नहीं करने थे। नामांकन में आज जैसी सख्ती नहीं होने के चलते वह ऐसा कर पाए। बिहार विधानसभा चुनाव के तहत हमारी मुख्यमंत्री सीरीज के तहत चलिए जानते हैं बिहार के 16वें मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह के बारे में, जो चुनाव में जीतने के बावजूद अपनी सीएम की कुर्सी गंवा बैठे।

16th CM of Bihar Chandrashekhar Singh.

बिहार के 16वें मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह 1 साल 210 दिन CM रहे

कौन थे 16वें मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह का जन्म 17 अगस्त 1927 को जमुई में हुआ था। उनका घर पटना से करीब 150 किमी दूर जमुई जिले के मलयपुर में था। उनके पिता बड़े जमींदार थे और चंद्रशेखर को प्यार से लल्लू बाबू पुकारा जाता था। उन्होंने इकोनॉमिक्स में पोस्टग्रेजुएट की डिग्री हासिल की। व्यक्ति जीवन की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम मनोरमा सिंह था और उनके तीन बच्चे थे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी ने उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। एक और बात जो खास थी, वह थी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चंद्रशेखर बिहार कांग्रेस के 'यंग टर्क्स' का हिस्सा थे। जिसमें बिंदेश्वरी दुबे, भगवत झा आजाद, अब्दुल गफूर, सत्येंद्र नारायण सिंह, केदार पांडे आदि कई नेता शामिल थ।

End of Feed