BabuaEBiharBa: बिहार का चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है। जनता को लुभाने के लिए नेताओं ने लोकलुभावन वादों की झड़ी लगा दी है। इन सबसे बीच 'टाइम्स नाउ नवभारत' जमीनी हकीकत टटोलने के लिए पश्चिमी चंपारण (West Champaran) आ पहुंचा और वहां चुनावी हवा किस ओर बह रही है? जनता का मिजाज क्या है? यह समझने की कोशिश की।
बबुआ ई बिहार बा कार्यक्रम
पश्चिमी चंपारण की भूमि सिर्फ नील की खेती के लिए उपजाऊ नहीं, बल्कि यहां पर पनपती हैं विचार, नेता और आंदोलन की फसलें; तो चलिए अंग्रेजों को हिला देने वाली धरती का सियासी मूड क्या है यह समझते हैं। देखिए 'बबुआ ई बिहार बा...'
जनता का मानना है कि पश्चिम चंपारण का मूल मुद्दा गरीबी है और नीतीश कुमार गरीबी दूर करेंगे, जबकि कई लोगों का कहना है कि परिवर्तन होना चाहिए, लेकिन कुछ लोग तेजस्वी यादव का विरोध कर रहे हैं और प्रशांत किशोर को बढ़िया आदमी बता रहे हैं। पश्चिम चंपारण का मिजाज कैसा है? यह जानने के लिए आप इस वीडियो पर क्लिक करें और जनता के मुद्दों को समझें।
पश्चिमी चंपारण जिले में कितनी विधानसभाएं हैं?
- वाल्मीकि नगर
- रामनगर (एससी)
- नरकटियागंज
- बगहा
- लौरिया
- नौतन
- चनपटिया
- बेतिया
- सिक्ता
पश्चिमी चंपारण में ही बिहार का एकलौता वाल्मीकि टाइगर रिजर्व मौजूद है। पश्चिम चंपारण नेपाल और उत्तर प्रदेश के घिरा हुआ है। इसके पूर्व में पूर्वी चंपारण, पश्चिम में उत्तर प्रदेश का पडरौना और देवरिया जिला स्थित है, जबकि उत्तर में नेपाल और दक्षिण में गोपालगंज जिला स्थित है।
बिहार में कब होगा मतदान
बिहार में दो चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को, जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे। वहीं, वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी और यह एकदम स्पष्ट हो जाएगा कि सत्तारूढ़ दल की वापसी हो रही है या फिर विपक्षियों को मौका मिल रहा है।
