बच्चों को हुनरमंद, स्वावलंबी और सक्षम नागरिक बनाएगी योगी सरकार, शुरू किया 'सीखते हैं करके' अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। इसी कड़ी में समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रारंभ किया गया 'सीखते हैं करके' (लर्निंग बाई डूइंग) कार्यक्रम राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की परिभाषा ही बदल रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। इसी कड़ी में समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रारंभ किया गया 'सीखते हैं करके' (लर्निंग बाई डूइंग) कार्यक्रम राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की परिभाषा ही बदल रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को धरातल पर उतारते हुए यह कार्यक्रम बच्चों को कक्षा 6 से 8 में पढ़ाई के साथ-साथ काष्ठ कर्म , धातु कार्य, ऊर्जा व पर्यावरण, कृषि-बागवानी, स्वास्थ्य व पोषण जैसे विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहा है। यह पहल शिक्षा को रोजगार और जीवन कौशल से जोड़ने की मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिक सोच को मूर्त रूप दे रही है।

Yogi Adityanath

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बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार यह कहा है कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है, तो शिक्षा को कौशल से जोड़ना ही होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विज्ञान और गणित के शिक्षकों को मल्टी स्किलिंग पर चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे छात्रों को पधने के साथ उन्हें उनके वास्तविक जीवन के लिए तैयार करें। राज्य सरकार ने UNICEF और विज्ञान आश्रम के तकनीकी सहयोग से 60 स्किल आधारित गतिविधियों का शिक्षक मैनुअल विकसित किया है, जिसे SCERT द्वारा अनुमोदित किया गया है।

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