Veer Savarkar Biography In Hindi: काल स्वयं मुझसे डरा है...कौन थे विनायक दामोदर सावरकर, यहां पढ़ें जीवन परिचय

Veer Savarkar Biography, Jeevan Parichay In Hindi (वीर सावरकर का जीवन परिचय हिंदी में): वीर सावरकर का पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था। उनका जन्म 28 मई 1883 में भागपुर, नासिक गांव में एक ब्राह्मण हिंदू परिवार में (Veer Savarkar Biography In Hindi) हुआ था। आज उनकी जन्म जयंती मनाई जा (Veer Savarkar Biography) रही है। ऐसे में यहां आप वीर सावरकर की जीवनी, वीर सावरकर का जीवन परिचय और वीर सावरकर का हिंदी में जीवन परिचय जान सकते हैं।

Veer Savarkar Biography, Jeevan Parichay In Hindi (वीर सावरकर का जीवन परिचय हिंदी में): स्वातंत्र्य गर्व उनका, जो नर फांको में प्राण गंवाते हैं, पर नहीं बेच मन का प्रकाश रोटी का मोल चुकाते हैं। स्वातंत्र्य गर्व उनका, जिनपर संकट की घात न चलती है तुफानो में जिनकी मशाल कुछ और तेज हो जलती है..... रामधारी सिंह दिनकर साहब की यह कविता वीर सावरकर साहब पर सटीक बैठती हैं। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक महान क्रांतिकारियों ने अपना योगदान दिया, जिनमें वीर सावरकर का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया (Veer Savarkar Biography) जाता है। उनका पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था। वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी, लेखक, समाज सुधारक, इतिहासकार और प्रखर राष्ट्रवादी (Veer Savarkar Biography In Hindi) विचारक थे। सावरकर साहब के साहस और देशभक्ति के कारण उन्हें वीर सावरकर (Veer Savarkar Jivan Parichay) कहा गया। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज सुधार के कार्यों में समर्पित कर दिया।

Veer Savarkar Biography, Jeevan Parichay In Hindi

Veer Savarkar Biography In Hindi: वीर सावरकर का जीवन परिचय

Veer Savarkar Biography In Hindi: वीर सावरकर की जीवनी

विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 1883 में भागपुर, नासिक गांव में एक ब्राह्मण हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम दामोदर पंत सावरकर और माता का नाम राधाबाई था। बचपन से ही वे अत्यंत बुद्धिमान और साहसी थे। जब वे छोटे थे, तभी उनके माता-पिता का निधन हो गया था, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वे देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे और बचपन में ही उन्होंने विदेशी शासन के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी थी। कहा जाता है कि वह अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते थे, यही कारण है कि उन्हें वीर कहकर बुलाया जाने लगा। सावरकर अपने बड़े भाई गणेश से बहुत प्रभावित थे और उनसे प्रेरणा लेते थे। भाई गणेश का सावरकर के जीवन में बहुत अधिक प्रभाव पड़ा। वीर सावरकर ने 'मित्र मेला' के नाम से एक संगठन की स्थापना की जिसने लोगों को भारत की पूर्ण राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।

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