Uttar Pradesh Regulation of Coaching Act 2002 guidelines in hindi: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिला इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। इस बिल्डिंग की पहली मंजिल पर कोचिंग सेंटर संचालित था। जानकारी के मुताबिक, बेसमेंट में लगे एसी में ब्लास्ट हुआ, जिससे आग लगी और धुआं फैल गया। आग फैलने के बाद ऊपर फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। वहीं, कुछ छात्र अपनी जान बचाने के लिए छत और बालकनी से कूद पड़े। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।
यूपी में कोचिंग सेंटर्स के लिए नियम?
अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे को रद्द करने की घोषणा की और लखनऊ ने लिए निकल पड़े। दुर्घटना के शिकार बने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल 5-5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। घायलों को 50-50 हजार रुपये मदद का ऐलान किया गया। इसके बाद हाई लेवल मीटिंग और ताबड़तोड़ एक्शन का दौर जारी है।
इस बीच सवाल उठता है कि उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटर को लेकर क्या नियम और गाइडलाइन तय की गई हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटर चलाने के लिए उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 और केंद्रीय कोचिंग गाइडलाइंस के तहत सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके तहत बिना पंजीकरण के कोचिंग चलाना गैरकानूनी है।
यूपी में कोचिंग सेंटर्स के लिए प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
- पंजीकरण अनिवार्य: बिना पंजीकरण (Registration) और स्थानीय प्रशासन की अनुमति के कोई भी कोचिंग सेंटर नहीं चलाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के नियमों का पालन जरूरी है।
- उम्र की सीमा: कोचिंग सेंटर 16 साल से कम उम्र के छात्रों या माध्यमिक परीक्षा से पहले के छात्रों का नामांकन नहीं कर सकते हैं।
- ट्यूटर की योग्यता: पढ़ाने वाले शिक्षकों के पास कम से कम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
- सुरक्षा मानक: सेंटर को बिल्डिंग के नक्शे की मंजूरी, फायर सेफ्टी NOC (अग्निशमन प्रमाण पत्र) और उचित वेंटिलेशन के नियम पूरे करने होते हैं।
- भ्रामक विज्ञापन पर रोक: संस्थान 100% चयन या जॉब की गारंटी वाले भ्रामक दावे नहीं कर सकते। बिना छात्रों की लिखित अनुमति के उनकी फोटो का इस्तेमाल विज्ञापनों में नहीं किया जा सकता है।
- शिकायत निवारण और बुनियादी सुविधाएं: हर छात्र के लिए कम से कम 1 वर्ग मीटर जगह, सीसीटीवी कैमरा, प्राथमिक चिकित्सा (First-Aid) किट और शिकायत निवारण समिति का होना आवश्यक है।
कोचिंग सेंटर्स के लिए सुरक्षा के नियम
उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 और केंद्रीय कोचिंग गाइडलाइंस के नियमों का उल्लंघन करने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या केंद्र को सील करने तक की कार्रवाई का प्रावधान है। नियमों के अनुसार कोचिंग सेंटर का संचालन ऐसी बिल्डिंग में होना चाहिए जो सभी सुरक्षा नियमों का पालन करता हो। प्रत्येक छात्र के लिए कक्षाओं में कम से कम 1 वर्ग मीटर स्थान उपलब्ध होना चाहिए। कोचिंग संस्थानों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (Fire NOC) अनिवार्य है। पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास (emergency exits) होने चाहिए। बेसमेंट में सुरक्षा और वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) की कमी के कारण कोचिंग कक्षाओं के संचालन पर सख्त प्रतिबंध या नियम लागू किए गए हैं।
