फिर सवालों के घेरे में NTA, UGC NET री-एग्जाम का विरोध शुरू; छात्र बोले- एजेंसी की गलती की सजा हम क्यों भुगतें?

UGC NET 2026 तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने को लेकर एनटीए एक बार फिर सवालों के घेरे में है। परीक्षा रद्द होने और रि-एग्जामिनेशन को लेक छात्रों में भड़का गुस्सा। सवाल किए जा रहे हैं कि एजेंसी की गलती की सजा हम क्यों भुगतें?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा UGC NET परीक्षा के तीन प्रमुख विषयों— सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स का पेपर रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने के फैसला लिया गया था। एटीए के इस फैसल ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। NTA ने इन विषयों की परीक्षा में मिली कमियां और अनियमितताएं के बाद यह कदम उठाया। लेकिन इस निर्णय के सामने आते ही छात्रों और शिक्षक संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। अभ्यार्थियों का इस मामले को लेकर तर्क है कि एजेंसी की नाकामी और लापरवाही का खामियाजा उन ईमानदार छात्रों को क्यों भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने परीक्षा के लिए महीनों कड़ी मेहनत की थी।

फिर सवालों के घेरे में NTA, UGC NET री-एग्जाम का विरोध शुरू

फिर सवालों के घेरे में NTA, UGC NET री-एग्जाम का विरोध शुरू (Photo - AI)

री-एग्जाम के फैसले से क्यों भड़के छात्र?

NTA का कहना है कि तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कुछ तकनीकी खामियां और पिछले वर्षों के प्रश्नों का अत्यधिक दोहराव पाया गया, जिसके चलते एजेंसी द्वारा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा की जरूरत को दर्शाया। इसे देखते हुए दोबारा परीक्षा लेने का फैसला लिया। लेकिन एनटीए क इस फैसले पर अभ्यर्थियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी में समय और मेहनत दोनों लगती है। दोबारा परीक्षा के आयोजन से छात्रो की न केवल मेहनत और समय बर्बाद हुआ है बल्कि उनकी आगे की योजनाएं प्रभावित हो रही है।

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