NEET UG Controversy: नीट यूजी परीक्षा को लेकर चल रहे विवादों के बीच सुप्रीम कोर्ट 29 मई को एक अहम सुनवाई करने जा रहा है। कोर्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। ये याचिकाएं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की ओर से दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि NTA बार-बार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने में असफल साबित हो रहा है। खासतौर पर NEET UG 2024 और NEET 2026 से जुड़े पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
नीट यूजी पेपर लीक मामले में घिरी NTA, सुप्रीम कोर्ट में 29 मई को होगी बड़ी सुनवाई (Image - chatgpt)
डॉक्टर संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि NTA को तुरंत भंग किया जाए और उसकी जगह एक नई स्वतंत्र संस्था बनाई जाए, जो भविष्य में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करे। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था पर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कम होता जा रहा है।
याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि कथित पेपर लीक मामलों की जांच CBI से कराई जाए और इसकी निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट करे। इसके अलावा 21 जून को होने वाली Re-NEET परीक्षा की प्रक्रिया पर भी कोर्ट की निगरानी की मांग की गई है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता हो रही प्रभावित
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लगातार हो रहे विवादों ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है और लाखों छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि एजेंसी ने 2024 के विवादों से कोई सबक नहीं सीखा और कथित रूप से वही गलतियां दोहरा रही है।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने NTA, केंद्र सरकार और CBI को 29 मई तक जवाब दाखिल करने का समय दिया था। अब अगली सुनवाई में परीक्षा सुरक्षा, जांच की प्रगति और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की जरूरत जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
