Bhagat Singh Education, School, Jeevni, Quotes in Hindi: सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजु ए कातिल में है... आजादी के 77 साल बाद आज भी भगत सिंह का ये नारा युवाओं में देशभक्ति का जुनून भर (Bhagat Singh Jayanti 2024) देता है। शहीद ए आजम भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा और राष्ट्रीय नायकों में से एक थे। शहीद भगत सिंह की गिनती देश के सबसे बड़े क्रांतिकारियों में होती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता के लिए न्योछावर (Bhagat Singh Jayanti 2024) कर दिया। आज भी भगत सिंह के बलिदान को याद कर आंखें नम हो जाती हैं और देशभक्ति जाग (Bhagat Singh Jayanti 2024 Date) उठती है। देश को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद करवाने के लिए उन्होंने महज 24 साल की उम्र में शहादत को गले लगा लिया था।
Bhagat Singh Jayanti 2024: शहीद ए आजम भगत सिंह की जयंती पर पढ़ें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें
कांप उठा था ब्रिटिश हुकूमत
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव तीनों स्वतंत्रता सेनानियों ने मिलकर ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें हिला दी थी। उन्होंने देश के युवाओं में ऊर्जा का ऐसा गुब्बार भरा की विदेशी ताकतों को भारत के सामने नतमस्तक होना पड़ा। भगत सिंह का संपूर्ण जीवन पही प्रेरणा है। आज यानी 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह जी की जयंती मनाई जा रही है। इस खास मौके पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर तमाम तरह के देशक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में यहां आप शहीद भगत सिंह की जीवनी, स्कूल, एजुकेशन से लेकर संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।Bhagat Singh Jeevni In Hindi: शहीद भगत सिंह की जीवनी
भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वहीं उनका पैतृक गांव खट्कड़ कलां पंजाब में है। भगत सिंह के पिता का नाम किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती था। उनका परिवार एक आर्य समाजी सिख परिवार था। वह करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत से अत्यधिक प्रभावित थे, उन्हें अपना आदर्श मानते थे। कहा जाता है कि जब भगत सिंह का जन्म हुआ तो उनके पिता किशन सिंह, चाचा अजित सिंह को जेल में डाल दिया गया था।Bhagat Singh Educcation: शहीद भगत सिंह की शिक्षा
शहीदे आजम भगत सिंह के शिक्षा की बात करें तो उन्होंने बंगा गांव में सरकारी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा पूरी की थी। इसके बाद उनका दाखिला गयानंद एंग्लो वैदिक (DAV) कॉलेज, लाहौर में करा दिया गया। बाद में उन्होंने साल 1923 में लाला लाजपत राय द्वारा स्थापित नेशनल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसी वर्ष वह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में शामिल हुए। यही वह समय था जब भगत सिंह ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया था।Bhagat Singh Ke Vichar: शहीद भगत सिंह के कोट्स
- प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं - भगत सिंह
- जिंदगी तो अपने दम पर ही जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं- भगत सिंह
- आपका जीवन तभी सफल हो सकता है जब आपका निश्चित लक्ष्य हो और आप उनके लिए पूरी तरह से समर्पित हो - भगत सिंह
यहां आप शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जीवनी, शिक्षा व विचार के बारे में जान सकते हैं।
