स्कूल के दोस्त या मैदान के साथी? जानें कहां से की शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा ने अपनी पढ़ाई

क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम बनाने वाले शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा की दोस्ती फैंस के मन में ढेरों सवाल जगाती है। जैसे- क्या यह दोनों बच्चपन के दोस्त हैं? क्या यह मैदान पर दोस्त बने हैं? या क्या यह दोनों एक ही स्कूल से पढ़ें है? तो आइए आपको बताएं क्रिकेट के मैदान पर धुंआधार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा की दोस्ती और स्कूलिंग के बारे में।

क्रिकेट भारत में सबसे प्रसिद्ध खेल है। इसके प्रशंसकों की संख्या का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। देश हो या विदेश क्रिकेट के फैन आपको हर जगह मिल जाएंगे। लेकिन आज हम इस खेल की नहीं बल्कि इसे खेलने वाले दो भारतीय खिलाड़ियों और उनकी एजुकेशन के बारे में बात करें। एक क्रिकेट फैन होने के नाते आपने भी अपने पसंद क्रिकेटर के लाइफस्टाइल, शुरुआती जीवन, बचपन और एजुकेशन के बारे में जरूर सोचा होगा। इतना ही नहीं, यदि दो क्रिकेटर अच्छे दोस्त होते हैं, तो उनके फैंस के सवाल उनके जीवन को लेकर और बढ़ जाते हैं। उनका सोचना शुरू हो जाता है कि क्या यह दोनों एक दूसरे को पहले से जानते हैं, क्या यह क्रिकेट की प्रैक्टिस के दौरान मिले थे, क्या यह बचपन के दोस्त हैं आदि... ऐसी ही कहानी है भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा की। आइए आज आपको क्या यह दोनों एक ही स्कूल से पढ़ें हुए हैं या अलग-अलग स्कूल से? जानते हैं क्रिकेटर की स्कूलिंग के बारे में।

Shubaman Gill Abhishek Sharma

स्कूल के दोस्त या मैदान के साथी?

शुभमन गिल की स्कूलिंग कहां से हुई है?

भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल, पंजाब के मोहाली में स्थित 'मंगल स्मार्ट स्कूल' से पढ़े हुए हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा इसी स्कूल से प्राप्त की। वह बचपन से ही क्रिकेट खेल रहे थे। क्रिकेट में तेजी से हो रही करियर ग्रोथ के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अब आप सोच रहे होंगे कि क्यों शुभमन गिल ने अपनी पढ़ाई छोड़ी। तो बता दें कि यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था। यह सोच-समझकर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही जिम्मेदारियों को देखते हुए लिया गया था। बता दें कि 17 साल की उम्र में उन्होंने अंडर 19 खेला और एक साल बाद ही 2018 में आईसीसी अंडर 18 क्रिकेट विश्व कप में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। इन्हीं कारणों से आगे की पढ़ाई के लिए क्लास लेना और एग्जाम देना उनके लिए मुश्किल हो गया।

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