Republic Day 2023 Parade: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड में मुख्य अतिथि के रूप में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ कर्तव्य पथ से 74 वें गणतंत्र दिवस समारोह में देश का नेतृत्व किया। सप्ताह भर चलने वाला यह समारोह 23 जनवरी को प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू हुआ, जो कि 30 जनवरी को समाप्त होगा। आइये जानें गणतंत्र दिवस परेड 2023 से जुड़े 7 इंट्रेस्टिंग फैक्ट
गणतंत्र दिवस परेड 2023 के इंट्रेस्टिंग फैक्ट
26 जनवरी को भारत सरकार अधिनियम (1935) को भारत के शासी दस्तावेज के रूप में प्रतिस्थापित करने वाले भारतीय संविधान को मनाने के लिए भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश की राष्ट्रीय राजधानी - दिल्ली में राजपथ (कर्तव्य पथ) पर, भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के रेजिमेंटों द्वारा शानदार परेड मार्च किया जाता है।
गणतंत्र दिवस परेड की अगुवाई
इस बार के परेड समारोह में परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने गणतंत्र दिवस परेड की अगुवाई की।
पहली बार अग्निवीरों ने लिया परेड में हिस्सा
पहली बार अग्निपथ योजना के माध्यम से रक्षा के क्षेत्र में लोगों की भर्ती की गई है, इन्हें अग्निवीर नाम से जाना जाता है। इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में अग्निवीर शामिल हुए।
30 जनवरी तक चलेगा समारोह
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। हालांकि, समारोह 30 जनवरी तक चलता रहेगा, 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
मिस्र के राष्ट्रपति ने लिया परेड में हिस्सा
Republic Day 2023 के मौके पर इस वर्ष मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। उन्होंने परेड समारोह का आनंद लिया। यह पहली बार है मिस्र के राष्ट्रपति को भारत की राष्ट्रीय परेड में आमंत्रित किया गया।
दुनिया में पहली महिला सशस्त्र पुलिस बटालियन
असिस्टेंट कमांडेंट पूनम गुप्ता ने इस परेड में CRPF MARCHING CONTINGENT की अगुवाई की। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 74वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सीआरपीएफ की मार्च करती महिला टुकड़ी चर्चा का विषय बन गई। बल ने विशेष ध्यान आकर्षित किया क्योंकि इसे दुनिया में पहली महिला सशस्त्र पुलिस बटालियन बनाने का गौरव प्राप्त है।
ऊंटों के दस्तां में महिलाएं भी
इस बार यानी 2023 की गणतंत्र दिवस समारोह में महिलाएं भी ऊंटों के दस्तों में दिखाई दी, बता दें, पूरे दुनिया में सिर्फ भारत के पास ऊंटों का दस्ता है।
तोपों की सलामी का है विशेष समय
तोपों की सलामी का समय राष्ट्रगान बजने के समय से मेल खाता है। पहली फायरिंग राष्ट्रगान की शुरुआत में होती है और आखिरी फायरिंग ठीक 52 सेकंड के बाद होती है। ये तोपें 1941 में बनी थीं और सेना के सभी औपचारिक कार्यक्रमों में शामिल होती हैं।
स्वदेशी तोपों ने दी सलामी
इस बार विशेष बात यह रही कि जिन तोपो से सलामी दी गई, उनका निमार्ण देश में ही किया गया है।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट कोमल रानी ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
26 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह की आधिकारिक शुरुआत की। जब वे कर्तव्यपथ पर आईं, तो भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट कोमल रानी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
