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NEET: थल सेना से लेकर वायु सेना तक, देश के इतिहास में पहली बार सैन्य बल पहुंचाएंगे पेपर?

NEET UG Re exam 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG के लिए 21 जून को एक बार छात्र अपनी किस्मत आजमाएंगे। NEET UG री-एग्जाम को लेकर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर एक हाई लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि देशभर के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने में थल सेना की मदद ली जाएगी। देश की किसी भी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सैन्य बलों को इसके लॉजिस्टिक्स से जोड़ा जाएगा।

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NEET UG Re Exam 2026: नीट यूजी री एग्जाम
Authored by: Kuldeep Raghav
Updated May 29, 2026, 10:54 IST

NEET UG Re exam 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG के लिए 21 जून को एक बार छात्र अपनी किस्मत आजमाएंगे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की ओर से 3 मई को आयोजित की गई यह परीक्षा 13 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। देश-विदेश के 565 शहरों में लगभग 5,400 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई इस परीक्षा को लीक प्रूफ तरीके से दोबारा कराने की चुनौती अब सरकार के सामने है क्योंकि बात सिर्फ पेपर लीक की नहीं, बल्कि 22 लाख 80 हजार छात्रों के भविष्य और उनके पैरेंट्स के सपनों की है। यही वजह है कि इस परीक्षा को लेकर शिक्षा मंत्रालय के साथ केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। 21 जून को होने वाले NEET UG री-एग्जाम को लेकर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर एक हाई लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कई वरिष्ठ मंत्री और एनटीए एवं शिक्षा मंत्रालय के बडे अधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी छपाई, परिवहन, सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने पर चर्चा की गई। आइये जानते हैं इस बैठक में क्या बड़े फैसले लिए गए।

NEET UG री एग्जाम में सेना की मदद ली जाएगी। सूत्रों की मानें तो देशभर के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने में थल सेना की मदद ली जाएगी। खराब मौसम से निपटने में वायुसेना भी इस मुहिम का हिस्सा बनेगी। परीक्षा के समय को देखते हुए, यदि बारिश, आंधी या तूफान जैसी प्रतिकूल मौसम की स्थिति बनती है, तो भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग प्रश्नपत्रों की तत्काल डिलीवरी के लिए किया जाएगा। देश की किसी भी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सैन्य बलों को इसके लॉजिस्टिक्स से जोड़ा जाएगा।

क्या बोले शिक्षा मंत्री

सरकार का कहना है कि अब पेपर लीक या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पहले प्रश्नपत्रों को प्रिंटिंग यूनिट से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग यानी पोस्टल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सेना और वायु सेना की मदद ली जाएगी। यानी इस बार NEET के पेपर्स सेना की निगरानी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे।

अन्य विभागों की भी ली जाएगी मदद

दूसरी ओर सिर्फ सेना ही नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय भी नीट री-परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने में मदद करेंगे। दरअसल, पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली है। पेपर लीक, गड़बड़ी और धांधली के आरोपों ने लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा तोड़ा है। कई छात्र ऐसे हैं जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी की, लेकिन विवादों के कारण उनका मनोबल टूट गया। सोशल मीडिया पर लगातार छात्रों का दर्द सामने आता रहा। कोई कह रहा था कि उसकी एक साल की मेहनत बर्बाद हो गई, तो कोई यह सवाल उठा रहा था कि आखिर मेहनत करने वालों को कब न्याय मिलेगा।

नीट री एग्जाम की मजबूत किलेबंदी

यही वजह है कि सरकार इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है और नीट री एग्जाम की मजबूत किलेबंदी करना चाहती है। सेना और एयरफोर्स की मदद लेने का फैसला इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि छात्रों के मन में यह भरोसा वापस आए कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित होगी। सरकार के इस फैसले के बाद छात्रों के बीच थोड़ी राहत जरूर देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि अगर सेना परीक्षा की सुरक्षा में शामिल होती है तो पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी। हालांकि कुछ छात्र अब भी पूरी प्रक्रिया को लेकर सतर्क हैं और चाहते हैं कि सिर्फ बयान नहीं, बल्कि जमीन पर सख्त व्यवस्था दिखाई दे।

छात्रों के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं है। यह उनके सपनों, परिवार की उम्मीदों और कई साल की मेहनत से जुड़ा मामला है। देशभर में लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET की तैयारी करते हैं। कई छात्र छोटे शहरों और गांवों से आते हैं, जहां परिवार अपनी बचत खर्च करके, जमीन बेचकर, पाई पाई जोडकर अपने बच्चों को कोचिंग दिलाते हैं। ऐसे में जब परीक्षा पर सवाल उठते हैं तो सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि लाखों परिवारों का भरोसा भी टूटता है। वहीं जानकारों का कहना है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था को अब पूरी तरह टेक्नोलॉजी और हाई सिक्योरिटी सिस्टम से जोड़ने की जरूरत है। सिर्फ पेपर ट्रांसपोर्ट ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और डेटा सुरक्षा पर भी बराबर ध्यान देना होगा।

NEET UG Timeline: नीट यूजी टाइमलाइन

NEET UG Timeline: नीट यूजी टाइमलाइन

3 मई को हुआ नीट यूजी एग्जाम

आइये अब एक बार नीट यूजी मामले की पूरी टाइमलाइन पर गौर कर लेते हैं। 3 मई 2026 को देशभर में NEET UG 2026 परीक्षा आयोजित की गई। करीब 22 लाख 80 हजार छात्रों ने यह परीक्षा दी। 5 से 7 मई के बीच सोशल मीडिया और कुछ राज्यों में “गेस पेपर” और पेपर लीक के आरोप सामने आए। कई सवाल असली पेपर से मैच होने का दावा किया गया। 7 मई को NTA को कथित गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े शुरुआती इनपुट मिले। इसके बाद 8 मई को NTA ने मामला केंद्रीय एजेंसियों को भेजा। जांच एजेंसियों ने स्वतंत्र जांच शुरू की।

10 मई को परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल बढ़े। छात्रों और अभिभावकों ने #ReNEET2026 अभियान शुरू किया। 12 मई को केंद्र सरकार और NTA ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। साथ ही CBI जांच के आदेश दिए गए। इसी के साथ NTA ने कहा कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। 13 मई को कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हुए। विपक्ष ने संसद और मीडिया में मुद्दा उठाया। सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश दिखा। इसके बाद 16 मई को NTA ने आधिकारिक रूप से री-एग्जाम की तारीख 21 जून 2026 घोषित की।

अब 21 जून को री एग्जाम

फिलहाल 21 जून को होने वाले NEET UG री-एग्जाम पर पूरे देश की नजर है। लाखों छात्र उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार उनकी मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। सरकार के लिए भी यह परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि भरोसा बचाने की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है... सरकार भी इस री एग्जाम में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश छोड़ना नहीं चाहती है। यही वजह है कि नीट परीक्षा को लेकर हर मोर्चे पर मजबूत किलेबंदी की जा रही है।

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