NCERT की किताब में बदला गया मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा का स्वरूप, 9वीं किताब में बदलाव

मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा ‘डांसिंग गर्ल’ को एनसीईआरटी की नई कला शिक्षा की कक्षा 9 की पुस्तक ‘मधुरिमा’ में बदले हुए रूप में दिखाया गया है। इस तस्वीर में प्रतिमा के नग्न धड़ (टॉर्सो) को छायांकित कर ढक दिया गया है, जिससे ऐसा लगता है कि वह वस्त्र पहने हुए है।

मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा ‘डांसिंग गर्ल’ को एनसीईआरटी की नई कला शिक्षा की कक्षा 9 की पुस्तक ‘मधुरिमा’ में बदले हुए रूप में दिखाया गया है। इस तस्वीर में प्रतिमा के नग्न धड़ (टॉर्सो) को छायांकित कर ढक दिया गया है, जिससे ऐसा लगता है कि वह वस्त्र पहने हुए है। खास बात यह है कि सिंधु घाटी सभ्यता की यह प्रसिद्ध प्रतिमा पिछले लगभग 25 वर्षों से एनसीईआरटी की पुस्तकों में प्रकाशित होती रही है लेकिन इससे पहले कभी इसके शरीर के हिस्से को नहीं ढका गया था।

एनसीईआरटी 9वीं किताब में बदलाव

एनसीईआरटी 9वीं किताब में बदलाव

यह संशोधित तस्वीर पुस्तक के पहले अध्याय ‘कला का इतिहास’ में प्रकाशित की गई है। लगभग चार इंच ऊंची यह प्रतिमा मोहेंजोदड़ो से प्राप्त हुई थी और इसमें एक युवा लड़की को दिखाया गया है, जिसके बाल जूड़े में बंधे हैं तथा उसने चूड़ियां, कंगन और हार पहन रखे हैं। इसकी आत्मविश्वास से भरी मुद्रा और उत्कृष्ट शिल्पकला ने इसे हड़प्पा सभ्यता के सबसे पहचान योग्य प्रतीकों में से एक बना दिया है। पुरातत्वविद इसे उस सभ्यता की उन्नत धातुकर्म तकनीक का प्रमाण मानते हैं। प्रतिमा का मूल स्वरूप नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा गया है।

End of Feed