दर्जी के बेटे ने 'मेहनत से बदली किस्मत', NEET यूजी में शानदार रैंक हासिल कर गाड़ा झंडा

कानपुर के जतिन निषाद एक दर्जी के बेटे हैं, उन्होंने नीट यूजी के पहले प्रयास में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं पाई, लेकिन हार मााने की जगह दोबारा पेपर देने की ठानी और एक साल तक पूरी मेहनत से तैयारी की, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और आखिरकार NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शानदार रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य का कोई विकल्प नहीं होता।

सफलता हमेशा पहली कोशिश में नहीं मिलती, लेकिन जो लोग हार मानने के बजाय अपनी कमियों पर काम करते हैं, मंजिल आखिरकार उन्हीं के कदम चूमती है। कानपुर के जतिन निषाद की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। दर्जी के बेटे जतिन ने पहले प्रयास में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने एक साल तक पूरी मेहनत से तैयारी की, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और आखिरकार NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शानदार रैंक (AIR 6656) हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य का कोई विकल्प नहीं होता।

Jatin Nishad Success Story

दर्जी के बेटे ने 'मेहनत से बदली किस्मत', NEET यूजी में शानदार रैंक हासिल कर गाड़ा झंडा

मेहनत से बदली अपनी किस्मत

कानपुर के नवाबगंज के रहने वाले रवि शंकर निषाद पेशे से दर्जी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। बेटे जतिन निषाद ने भी माता-पिता के संघर्ष को अपनी ताकत बनाया और NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 6656 हासिल कर परिवार के साथ पूरे शहर का नाम रोशन कर दिया।

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