IPS Noorul Hasan Motivational Inspirational Story: एक पिता अपने बच्चों को अच्छी परवरिश और शिक्षा देने के लिए हर मुमकिन प्रयास करता है। जो उसे नहीं मिला है, वह अपने बच्चों को देने की कोशिश करता है। लेकिन जब जिंदगी हर कदम पर आपकी परीक्षा लेना चाहती हो तो हालात और मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे ही स्थिति में एक पिता ने हिम्मत नहीं हारी और न ही अपने बेटे के हिम्मत हारने दी। आर्थिक चुनौतियों से जूझते हुए इरादों के पक्के एक बेटे ने यूपीएससी परीक्षा पास की और आईपीएस अधिकारी बने। आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं।
आर्थिक तंगी के बीच IPS बन नूरूल ने रचा इतिहास
कहते हैं लगन और इरादे पक्के हो तो चुनौतियों से भरा जीवन आपको सफलता की ओर ले ही जाता है। इस बात को सच साबित किया पिता-बेटे की इस जोड़ी ने, जहां पिता ने अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए सबकुछ किया। यहां तक की जरूरत पड़ने पर उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी। आइए आज IPS अधिकारी नूरूल की मोटिवेशनल स्टोरी के बारे में बताएं। जो आपको भी जोश से भर देगा।
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कौन है नूरूल, जिनका बस्ती से शुरू हुआ सफर
नूरूल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव से की। उसके बाद उन्होंने 12वीं की शिक्षा बरेली के मनोहर लाल भूषण कॉलेज से प्राप्त की। 12वीं के बाद वह बीटेक की शिक्षा प्राप्त अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से प्राप्त की। बीटेक करने के बाद उन्होंने नौकरी शुरू की।
पढ़ाई के लिए पिता ने बेची पुश्तैनी जमीन
12वीं के बाद बीटेक में प्रवेश लेने के लिए नूरूल के पास कोचिंग के लिए पैसे नहीं थे। लेकिन बेटे की पढ़ाई पर कोई असर न हो इसके लिए पिता ने एक बार नहीं सोचा और बेटे की पढ़ाई के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन बेची और फीस भरी।
बीटेक के बाद वैज्ञानिक बनें नूरूल
नौकरी से मिलने वाली सैलरी से गुजरा करना और जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा था, तो नूरूल ने भाभा एटॉमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट का एग्जाम दिया और इस परीक्षा को पास किया। यहां सेलेक्शन के बाद मुंबई में वैज्ञानिक के तौर पर उन्होंने काम किया।
नौकरी करते हुए की यूपीएससी की तैयारी
मुंबई में वैज्ञानिक की नौकरी करते हुए नूरूल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। अपने पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स की परीक्षा पास नहीं कर पाएं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी। उसके बाद दूसरी परीक्षा देने पर उन्होंने न केवल प्रीलिम्स की परीक्षा पास की, बल्कि मेंस की परीक्षा भी पास की और इंटरव्यू दिया, लेकिन वह इंटरव्यू में सेलेक्ट नहीं हुए।
बार-बार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
बार-बार मिल रही असफलता से भी नूरूल निराश नहीं हुए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए तैयारी जारी रखी। और अपने तीसरे प्रयास में 2015 में उन्होंने प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू सब पास किया और आईपीएस अधिकारी बने और पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया।
