IP University to Introduce Orphan Children Quota in Admissions: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित आईपी यूनिवर्सिटी के विभिन्न प्रोग्राम में दाख़िले के लिए अब अनाथ बच्चे का कोटा भी होगा। यूनिवर्सिटी द्वारा पिछले साल शुरू किए गए “एकल बालिका कोटा”की तर्ज पर दोनों कैंपस में चल रहे सभी यूनिवर्सिटी स्कूल के समस्त यूजी और पीजी प्रोग्राम में एक अतिरिक्त सीट इस कोटे से भरी जाएंगी। यूनिवर्सिटी के साठवें अकादमिक परिषद की बैठक में इस कोटे को अकादमिक सत्र 2025-26 से शुरू करने का फैसला ले लिया गया है। दाख़िले में इस कोटे को शुरू करने वाली आईपी यूनिवर्सिटी देश की शायद पहली यूनिवर्सिटी होगी।
IP University Delhi
जानकारी के अनुसार, इस कोटे से दाख़िले लेने वाले छात्र की पूरी फीस माफ़ कर दी जाएगी। इसके लिए छात्र को यूनिवर्सिटी द्वारा चलाई जा रही वित्तीय सहायता योजना “ईडब्लूएस स्कीम” में सौ फीसदी फीस छूट के लिए आवेदन करना होगा। यूनिवर्सिटी के कुलपति पद्मश्री प्रो.(डॉ.) महेश वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद येसे अनाथ बच्चों की संख्या बढ़ी है। हम नहीं चाहते कि येसे बच्चे फीस की वजह से उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएं।
पिछले साल शुरू हुआ एकल बालिका कोटा
बता दें कि यूनिवर्सिटी ने पिछले साल दाख़िले में “ एकल बालिका कोटा” और “ खेल कोटा” शुरू किया था। अकादमिक परिषद की इस बैठक में कामकाजी लोगों के लिए अलग से पीएचडी शुरू करने पर भी विमर्श किया गया। इस बैठक में एमबीए(फायर एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी) प्रोग्राम में लेटरल एंट्री भी शुरू करने का निर्णय लिया गया। यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए जा रहे विदेशी भाषा के सर्टिफिकेट कोर्स में स्पैनिश एवं अन्य लोकप्रिय विदेशी भाषा को शामिल करने पर भी विचार किया गया।
इस बैठक में अगले अकादमिक सत्र से यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के अंतर्गत पांच-वर्षीय
बीए-एमए दर्शनशास्त्र में शुरू करने, चारवर्षीय बीएड स्पेशल एजुकेशन के तीन नए प्रोग्राम- हियरिंग इंपेयरमेंट, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और मल्टीपल डिसेबिलिटी- में सत्र 2025-26 से ही शुरू करने, स्कूल ऑफ़ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज में पोस्ट एमएससी डिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल फिजिक्स को सत्र 2025-26 से ही शुरू करने का फैसला लिया गया।
चलाए जाएंगे कई नए कोर्स
यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर प्रोपेगेशन ऑफ़ ह्यूमन वैल्यूज़ एंड एथिक्स के अंतर्गत “योर ओन लाइफ” प्रोग्राम यूनिवर्सिटी स्कूल के अलावा संबद्ध इंस्टीट्यूट्स में भी चलाए जाने का निर्णय लिया। वहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए यूनिवर्सिटी “ इन-सीटू सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन” स्थापित करने का फैसला भी किया गया।
यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस इन फार्मास्यूटिकल साइंसेज के अंतर्गत चल रहे एमएससी(माइक्रोबायोलॉजी) प्रोग्राम अब प्रस्तावित नरेला कैंपस में चलेगा। कई अल्प-अवधि के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा प्रोग्राम के साथ यह नया कैंपस भी जल्द ही शुरू हो जाएगा।इस आशय का फैसला भी इस बैठक में लिया गया।
