IAS Moin Ahmad Inspirational Story: देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में शामिल यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा देकर IAS और IPS बनने का सपना हजारों लाखों लोग देखते हैं, लेकिन यह सपना कुछ चुनिंदा लोगों को सच हो पाता है। सालों की मेहनत और लगन ही होती है जो आईएएस बनने के आपके सपने को पूरा कर सकती है। कहते हैं इरादों के पक्के मंजिल पाने तक हार नहीं मानते हैं। इसे सच साबित किया मुरादाबाद के मोइन अहमद ने। 3 साल यूपीएससी में असफल होने के बाद भी मोइन ने हार नहीं मानी और चौथे अटेम्प्ट में वह आईएएस बने और अपने पिता का नाम रोशन किया। आइए आपको मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी के बारे में बताएं।
चौथे प्रयास में UPSC क्रैक कर बने बस ड्राइवर का बेटा बना IAS
बस ड्राइवर के बेटे ने IAS बन रचा इतिहास
मोइन अहमद मुरादाबाद के दिलारी क्षेत्र में स्थित जटपुरा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता यूपी रोडवेज में कॉन्ट्रैक्ट बस डाइवर के तौर पर काम करते थे। खराब आर्थिक स्थिति के बीच मजबूत इरादों वाले मोइन ने आईएएस बन अपने इतिहास रचा और पिता का नाम रोशन किया है। बता दें कि जिस प्रकार की मोइन के परिवार की आर्थिक स्थिति उसमें पढ़ाई जारी रखना ही एक चुनौती थी, लेकिन सभी चुनौतियों को डट कर पार करते हुए वह IAS अधिकारी बने।
सेल्फ स्टडी से की कामयाबी हासिल
परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि यूपीएससी की कोचिंग करना मोईन अहमद के लिए मुश्किल था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और खुद सेल्फ स्टडी कर परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने 3 बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन एक बार भी सफलता उनके हाथ नहीं लगी। लेकिन फिर मोईन ने हार नहीं मानी और उन्होंने एक बार फिर परीक्षा दी, जिसमें उनकी जिंदगी बदल गई। क्योंकि अपने 2022 में चौथे अटेम्प्ट में मोईन यूपीएससी प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू पास पर आईएएस अधिकारी बन गए। मोईन ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह 7 8 घंटे पढाई करते थे और समय का सही इस्तेमाल करते हुए उन्होंने परीक्षा पास कर ली।
