Neet UG Re Exam : नीट यूजी री एग्जाम आज से ठीक 30 दिन बाद होने वाला है। ऐसे में छात्रों के पास सिर्फ 1 ही महीना बचा है। नीट एग्जाम के कैंसिल होने के बाद तमाम छात्र हैं, जो काफी तनाव में हैं। ऐसे में मानसिक दबाव और तनाव के बीच एग्जाम देना छात्रों के लिए काफी परेशानी भरा हो सकता है। इस बीच हम आपको टाइम मैनेजमेंट (NEET UG Time Managment) और प्लानिंग की ऐसी टिप्स (NEET UG Exam Tips) बताएंगे, जिससे आने वाले एक महीने को आप अच्छी तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। चलिये जानते हैं नीट यूजी परीक्षा (NEET UG Exam) के लिए बचे 30 दिनों को आप कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं और नीट यूजी परीक्षा में अच्छे परिणाम हासिल कर सकते हैं...
NEET UG Re Exam
एक प्रॉपर शेड्यूल है बेहद जरूरी
सबसे पहले तो आने वाले एक महीने के लिए अपना एक प्रॉपर शेड्यूल बना लें। कमर कस लें कि आप इस 30 दिन के शेड्यूल को अच्छी तरह से फॉलो करें। ये समय मॉक पेपर्स को हल करने के लिए काफी अच्छा है। ऐसे में अपने मॉक पेपर को हल करें और देखें कि आपके क्या मजबूत प्वॉइंट्स हैं और क्या कमजोर। अपने कमजोर प्वाइंट्स पर काम करें और ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करें। फिर देखें कि आप क्या ठीक कर सकते हैं।
ध्यान रहें कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाला हर छात्र टॉपर नहीं होता। ऐसे में बिना टॉपर्स के बारे में सोचे आपको ये ध्यान में रखना चाहिए कि बेहतर तैयारी के लिए आपके पास ये दूसरा मौका है। आप इसमें अपनी सारी गलतियों को सुधार सकते हैं।
इन पॉइंट्स को समझकर करें नीट यूजी की तैयारी-
- पूरा सिलेबस दोबारा पढ़ने की गलती न करें।
- NCERT Biology पर सबसे ज्यादा फोकस रखें।
- रोज फिजिक्स और कैमिस्ट्री के न्यूमेरिकल्स प्रैक्टिस करें।
- जिन विषयों में पकड़ कमजोर है, उनके शॉर्ट नोट्स बनाकर रिवीजन करें।
- रोज कम से कम 1 फुल मॉक टेस्ट जरूर दें।
- पिछले सालों के NEET Question Papers जरूर सॉल्व करें।
- अपनी गलतियों की अलग लिस्ट बनाएं।
NCERT बुक्स लगाएंगी नैया पार
बायोलॉजी और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री के लिए सिर्फ एनसीईआरटी की बुक्स पर ही भरोसा करें। टॉपर्स मानते हैं कि NCERT की हर लाइन, डायग्राम, टेबल और समरी को कम से कम 5 से 10 बार ढंग से पढ़ लें। कॉन्सेप्ट को रटने की बजाय उसके एप्लीकेशन को अच्छे से समझें।इस बात का खास ध्यान रखें छात्र
दिमाग से ये बात निकाल दें कि पिछला पेपर अच्छा हुआ था अब पता नहीं कैसा होगा ? कंपीटिशन में इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता। नीट या फिर जेईई में चयन पर्संटेज के आधार पर होता है मगर अगले पेपर अगर कठिन होगा भी तो वो किसी अकेले कैंडिडेट के लिए नहीं होगा बल्कि वो सबके लिए होगा। सिलेक्शन तो रैंकिंग के आधार पर ही होगा। ऐसे में अपना वक्त ज्यादा सोचने समझने में बर्बाद ना करें और बचे हुए समय में अपनी प्लानिंग अच्छी तरह से करें।
बहुत ज्यादा घंटों के बारे में न सोचें
जिन छात्रों ने अच्छी तरह से पढ़ाई की थी वे बहुत ज्यादा पढ़ाई के बारे में न सोचें। ये जरूरी नहीं कि आप पहले की ही तरह रोजाना 8-9 घंटे की पढ़ाई करें। आप अगर मन लगाकर 4-5 घंटे भी पढ़ेंगे तो वही काफी होगा। हालांकि आप जितना पढ़ेंगे आपकी मेहनत आगे भी काम आएगी।
