बिहार (Bihar) में जमीन से जुड़ी समस्याओं और आपसी विवादों का निपटारा तेजी से करने की तैयारी की जा रही है। इस तैयारी के लिए राज्य सरकार ने ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदेश में 8,054 नए राजस्व कर्मचारियों की सीधी बहाली की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इन पदों पर नियुक्ति के लिए कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) को आधिकारिक तौर पर जानकारी भेज दी गई है, जिसके बाद जल्द ही अभ्यर्थियों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
Bihar में नौकरियों की बहार (Photo - AI)
युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का अवसर
बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का यह एक बेहतरीन अवसर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Bihar Revenue Department) में खाली पड़े इन 8,054 पदों को भरने की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन आयोग को सौंपी गई है। बता दें कि विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद आयोग आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारियों में जुट गया है। बहुत जल्द ही इसका विस्तृत नोटिफिकेशन और योग्यता संबंधी जानकारी जारी की जाएगी, जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों की भारी कमी
एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार में जमीन संबंधी विवादों के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण जमीनी स्तर पर राजस्व कर्मचारियों की अत्यधिक कमी है। वर्तमान में राज्य की कुल 8,053 पंचायतों में केवल 3,500 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसका मतलब यह है कि आधे से अधिक पंचायतों में कोई स्थाई कर्मचारी तैनात ही नहीं है। इस कमी के चलते एक-एक कर्मचारी के पास 3-3 हल्का का अतिरिक्त प्रभार है।
महीनों से अटके काम अब होंगे चुटकियों में
कर्मचारियों पर अत्यधिक काम का बोझ होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जमीन की मापी, दाखिल- खारिज और परिमार्जन जैसे आवश्यक कार्य अंचलों में महीनों तक लंबित यानी अटके रहते हैं। नई बहाली प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की हर एक पंचायत को अपना एक स्थाई राजस्व कर्मचारी मिल जाएगा, जिससे फाइलों की पेंडेंसी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
हर हल्का में कर्मचारी उपलब्ध कराने का लक्ष्य
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस संबंध में बताया कि राज्य में जमीन विवाद को जड़ से खत्म करने के लिए इन नए कर्मचारियों की सख्त जरूरत थी। विभाग का मुख्य लक्ष्य यह है कि प्रदेश के हर हल्का (Revenue Circle) में कम से कम एक राजस्व कर्मचारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहे। नई बहाली के संपन्न होते ही सरकार का यह लक्ष्य धरातल पर संभव हो सकेगा।
