व्हीलचेयर से SDM की कुर्सी तक, बिहार के प्रत्यूष प्रभाकर ने लिखी संघर्ष और सफलता के नई इबारत

Pratyush Prabhakar Motivational Success Story In Hindi: बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में मुजफ्फरपुर के रहने वाले 32 वर्षीय प्रत्यूष प्रभाकर ने 1098वीं रैंक और ओएच (OH) श्रेणी में दूसरी रैंक हासिल किया है। बता दें वह बचपन से ही मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

Pratyush Prabhakar Motivational Success Story In Hindi: हौसलों की उड़ान को पंखों की जरूरत नहीं होती, जो ठान ले मंजिल को, उसे राहों की फिक्र नहीं होती....जब जीवन कठिनाइयों की परीक्षा लेता है, तब कुछ लोग परिस्थितियों के आगे घुटने टेक देते हैं, जबकि कुछ लोग उन्हीं कठिनाइयों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लेते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले 32 वर्षीय प्रत्यूष प्रभाकर की। प्रत्यूष ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular Dystrophy) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर एसडीएम (SDM) बनने का गौरव हासिल किया है।

Pratyush Prabhakar Motivational Success Story In Hindi

Pratyush Prabhakar Motivational Success Story : चौथे प्रयास में BPSC पास कर SDM बने प्रत्यूष प्रभाकर

वह दो भाइयों में सबसे बड़े हैं। बचपन से ही प्रभाकर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित रहे, जो शरीर की मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर करती है। इस बीमारी के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों में भी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन उन्होंने कभी अपनी शारीरिक कमजोरी को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया और कड़ी मेहनत व संघर्ष के दम पर अपने मुकाम को हासिल किया।

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