Bihar Education News: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक अब किसी कोचिंग सेंटर, प्राइवेट ट्यूशन या किसी और प्राइवेट शिक्षण संस्थान में नहीं पढ़ा सकते। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी।
बिहार में सरकारी स्कूलों के टीचरों पर कोचिंग चलाने पर रोक (Image - chatgpt)
माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय आर. ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले कुछ सालों में प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक बड़ी संख्या में टीचरों की भर्ती हुई है। अब स्कूलों में टीचर की कमी नहीं है। सरकार टीचरों की ट्रेनिंग पर भी ध्यान दे रही है, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
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शिक्षा व्यवस्था को करना है मजबूत
विभाग का कहना है कि सरकारी टीचर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने स्कूल के बच्चों को पढ़ाना है। (Bihar School News) बच्चों का सही विकास तभी होगा जब टीचर पूरे मन से स्कूल में समय दें और अपनी ड्यूटी निभाएं। पत्र में ये भी बताया गया है कि कई जगह देखा गया है कि सरकारी टीचर स्कूल के अंदर या बाहर कोचिंग और ट्यूशन चला रहे हैं। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है और पूरी शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती है।
नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि कोई भी सरकारी टीचर स्कूल के अलावा कहीं और पढ़ाएगा तो ये आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस फैसले से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधरेगा और बच्चों को बेहतर माहौल मिलेगा।
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