बेटे असद (Asad) के एनकाउंटर (Encounter) के बाद माफिया अतीक अहमद (Atique Ahmed) पूरी तरह से टूट चुका है, उमेश पाल मर्डर केस के मुख्य आरोपी असद की मौत ने माफिया डॉन को अंदर से तोड़ डाला है वो कह रहा है कि ये सब उसकी वजह से हुआ, बताते हैं उसने उमेश मर्डर से जुड़ी अहम बातें भी बताई हैं।
अतीक ने पुलिस के सामने पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासा किया है अतीक और अशरफ ने बताया कि उन्होंने कैसे उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम दिलवाया।
बताते हैं कि उसने यह भी कबूला कि सभी को सिम, मोबाइल दिलाए गए थे, उसने पुलिस के सामने यह भी कबूल किया कि उसके भाई और पूर्व विधायक अशरफ को जेल में मोबाइल दिलाया गया था।उमेश पाल शूटआउट केस में नामजद माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से पहले राउंड की पूछताछ खत्म हो गई, प्रयागराज के धूमनगंज थाने में पुलिस ने दोनों से पूछताछ रखकर की थी।
अतीक अहमद ने बेटे का शव देखने के लिए अर्जी दायर की
माफिया अतीक अहमद ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपने बेटे असद का शव देखने और जनाजे में शामिल होने के लिए शुक्रवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी दायर की थी, इस बीच, मुठभेड़ में मारे गए असद और गुलाम के शव लेने उनके परिजन शुक्रवार की शाम झांसी पहुंचे थे। असद का शव लेने उसका फूफा उस्मान पहुंचा था, जबकि गुलाम का शव लेने उसका साला नूर आलम पहुंचा था।
अतीक ने कथित तौर पर ISI से संबंध होने की बात कबूली!
माफिया अतीक अहमद ने उमेश पाल हत्याकांड मामले में विवेचक को दिए बयान में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध होने की बात कबूली है।अतीक ने विवेचक को दिए बयान में कहा, मेरे पास हथियारों की कोई कमी नहीं है क्योंकि मेरे सीधे संबंध पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से हैं।
'पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब की सीमा में हथियार गिराए जाते हैं'
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब की सीमा में हथियार गिराए जाते हैं जिनको लोकल कनेक्शन इकट्ठा कर लेता है और उन्हीं खेपों से जम्मू कश्मीर के दहशतगर्दों को भी हथियार मिलते हैं।विवेचक द्वारा अतीक और अशरफ की पुलिस रिमांड के लिए अदालत में पेश रिमांड प्रपत्र में अतीक के बयान का हवाला देते हुए बताया गया कि अतीक को यदि ले जाएं तो वह घटना में प्रयुक्त असलहों और कारतूसों को बरामद करा सकता है।
'कुछ जगहों को भाईजान अतीक जानते हैं'
अतीक के भाई अशरफ द्वारा बृहस्पतिवार को पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक, असलहे और कारतूस जिस जगह पर रखे हैं, उस जगह को यहां से बताना मुमकिन नहीं है। कुछ जगहों को मैं जानता हूं और कुछ जगहों को भाईजान अतीक जानते हैं।अशरफ ने अपने बयान में कहा, 'जिन ठिकानों पर हथियार रखे जाते हैं और वहां जो आदमी रहता है, वह सब स्थान हमें और भाईजान को मालूम है। लेकिन वह जगह खेतों में बने फार्म हाउस जैसे हैं वहां चलकर ही पता बताया जाना मुमकिन है। जेल में रहकर वहां का पता बताना मुमकिन नहीं है।'
उसने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि उमेश पाल की हत्या में प्रयुक्त सारे हथियार घटना के बाद वापस जगह पर पहुंचा दिए गए, केवल 45 बोर की पिस्टल वापस नहीं पहुंच सकी क्योंकि घटना के बाद लड़के शहर छोड़ने की जल्दबाजी में थे और उस पिस्टल को करेली थाना क्षेत्र के मलिन बस्ती में कल्लू नामक व्यक्ति के घर पर रख दिया गया।
