Murder Mystery: क्राइम की दुनिया में इस समय दो हत्याओं की बहुत चर्चा है। दोनों ही हत्या उत्तर प्रदेश से जुड़ी हुई है। इसमें आज के दौर की दो ऐसी लड़कियों की कहानी है, जिसमें एक अपने पति को बचाने के लिए जेल चली जाती है, तो दूसरी पति को ही मार देती है। एक है कानपुर का विनीत मिनोचा हत्याकांड, जिसमें दोष बहू शालू पर लगा था, दूसरा मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसमें पत्नी मुस्कान ने ही पति की जान ले थी। एक पतिव्रता शालू है, जो पति पर आज भी विश्वास जता रही है, दूसरी ओर मुस्कान है, जिसने उस लड़के की हत्या कर दी, जिसके प्यार में कभी वो पागल थी, लड़का घर छोड़कर उसके साथ रहने आ चुका था, लेकिन फिर किसी दूसरे से इश्क की और पति को मार कर नीले ड्रम में दफना दिया।
प्यार, पति और अपराध के बीच शालू-मुस्कान की दो कहानियां (AI Photo)
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शालू होना मुश्किल, लेकिन ये भी सही नहीं
कानपुर की शालू आज भले जेल से बाहर है, हत्या के आरोप से दोषमुक्त हो चुकी है, लेकिन जो उसने की, उसे भी सही ठहराया नहीं जा सकता। शालू पति के बचाने के लिए जेल चली गई, पतिव्रता बन गई, लेकिन क्या पति का गुनाह अपने सिर पर लेकर उसने सही किया? प्यार के नजरिए से देखें तो ठीक है, लेकिन कानून के नजर से गलत। लेकिन अधिकांश भारतीय नारियां आदिकाल से ऐसा ही करती चली आई हैं, पति को बचाने के लिए खुद को दांव पर लगा देना, यहां आम रहा है।
क्या है कानपुर के शालू की कहानी?
दरअसल कानपुर के दवा व्यवसाई विनीत मिनोचा की हत्या हो जाती है। हत्या के बाद हत्यारा पकड़ा जाता है और वो सीधे बहू शालू का नाम ले लेता है। शालू भी तुरंत हत्या का इल्जाम अपने सिर पर ले लेती है। जेल चली जाती है। बाद में पता चलता है कि हत्या दरअसल उसके पति सुब्रत मिनोचा ने करवाई थी, उसने ही शालू का नाम भी लेने को कहा था। शालू ये तभी समझ गई थी, लेकिन पति को बचाने के लिए चुप रही और 21 दिनों तक जेल में रही।
मुस्कान का प्यार किसके साथ सच्चा, किसके साथ झूठा?
मेरठ का नीले ड्रम वाले केस ने कुछ महीनों पहले पूरे देश को हिला डाला था। मुस्कान से सौरभ राजपूत ने लव मैरिज की थी। मतलब दोनों में प्यार था। इसी प्यार के कारण सौरभ ने मुस्कान के कहने पर अपना घर भी छोड़ दिया था। सौरभ मर्चेंट नेवी में था, ठीक-ठाक सैलरी थी। लंदन में पोस्टेड था। पत्नी मुस्कान और बेटी पीहू को अपने साथ ले जाने के लिए भारत आया था। लेकिन सौरभ को क्या पता था कि मुस्कान अब उसकी नहीं रही। मुस्कान अब साहिल की हो चुकी थी, जिस प्यार के कारण सौरभ ने घर छोड़ा था, उसी को अब मारने की प्लानिंग मुस्कान कर चुकी थी।
हत्या कर नीले ड्रम में डाला
मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची। पहले मुस्कान ने सौरभ को नशीला पदार्थ खिलाया, जब सौरभ बेहोश हो गया तो उसकी सीने में खंजर मार-मार कर जान ले ली। हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उसे एक नीले रंग के ड्रम में भरकर सीमेंट से भर दिया। इसके बाद दोनों हिमाचल प्रदेश चले गए। वहीं से सौरभ के घर वालों को मैसेज भी भेजते रहे, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन यह प्लानिंग फेल हो गई, लाश की बदबू ने दोनों के कातिल होने का राज खोल दिया और लाश की बरामदगी के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
शालू आजाद तो मुस्कान जेल की काल कोठरी में कैद
कानपुर की शालू, सच्चाई सामने आने के बाद जेल से बेदाग होकर बाहर आ चुकी है। दुनिया जिस शालू को कोस रही थी, अब वही दुनिया तारीफ कर रही है। दूसरी ओर मुस्कान है, जो सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी पाई जा चुकी है। एक बेटी पीहू से बिछड़ चुकी है, दूसरी बेटी जेल में ही हुई है, मां के साथ ही जेल में बंद है। प्रेमी साहिल भी सलाखों के पीछे हैं और हत्या में दोषी करार दिया जा चुका है। दोनों सजा का इंतजार कर रहे हैं।
