पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की मुजफ्फरपुर शाखा में हुए बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छह आरोपियों के खिलाफ पटना की विशेष PMLA अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है। ED ने यह शिकायत 29 सितंबर 2026 को दाखिल की है।
प्रतीकात्मक फोटो
ED के मुताबिक, मामले में मोहम्मद जफर इकबाल, नितेश कुमार सिंह, संतोष आनंद, राजेश कुमार, मंझय कुमार सिंह और कुंदन कुमार आरोपी हैं। एजेंसी ने अदालत से इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और दोषसिद्धि की मांग की है।
सिम स्वैप कर खातों से निकाले 1.29 करोड़ रुपये
ED की जांच बिहार पुलिस की ओर से दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू हुई थी। इन FIR में ठगी और जालसाजी के आरोप लगाए गए थे।जांच में सामने आया कि मोहम्मद जफर इकबाल और उसके सहयोगियों ने PNB के एक अधिकारी नितेश कुमार सिंह की मदद से बैंक खाताधारकों के खातों से करीब 1.29 करोड़ रुपये निकाल लिए।
आरोप है कि ठगी के लिए मोबाइल सिम स्वैपिंग का इस्तेमाल किया गया। सिम बदल दिए जाने की वजह से खाताधारकों को अपने बैंक खातों में होने वाले ट्रांजैक्शन के अलर्ट नहीं मिल पाए।
चार बैंक खातों में मिले 83 लाख रुपये
ED ने इस मामले में पहले 11 दिसंबर 2025 को चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने चार बैंक खातों में रखी करीब 83 लाख रुपये की अपराध से अर्जित रकम (Proceeds of Crime) का पता लगाया और उसे फ्रीज कर दिया।
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने PNB मुजफ्फरपुर शाखा के खाताधारकों की बचत से रकम निकालकर अलग-अलग शहरों में मौजूद म्यूल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर की। इसके बाद इस रकम का एक हिस्सा हवाला चैनल और अलग-अलग जगहों पर ATM के जरिए कैश जमा कराकर मोहम्मद जफर इकबाल के निजी बैंक खातों और उसकी प्रोपराइटरशिप फर्म तक पहुंचाया गया। ED का आरोप है कि बाद में इस रकम को आरोपियों के बीच बांटा गया। ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
