सांसों के सौदे के लिए डॉक्टर ही बना हैवान! 600 की जान संग किया खिलवाड़, जिन्हें नहीं थी जरूरत उन्हें भी लगवा दिए पेसमेकर

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 10, 2023, 08:22 PM IST

दरअसल, पेसमेकर एक छोटा सी डिवाइस होती है। यह छाती के बाईं ओर इंप्लांट (फिट) की जाती है, जो कि अनियंत्रित ह्रदय गति को नियमित करने का काम करती है। पेसमेकर में तीन हिस्से होते हैं, जिनमें बैट्री, कंप्यूटराइज जेनेरेटर और वायर होते हैं।

डॉक्टर...ये डॉक्टर हमारे लिए इंसान, भगवान होते हैं। वे रात-दिन और आपात स्थिति में भी काम करते हैं। जान बचाते हैं और मानवता की मिसाल देते हैं, पर इन्हीं से कुछ निजी हित के लिए हैवान बन जाते हैं और पूरी बिरादरी के लिए बदनामी का कारण बनते हैं। ऐसे ही एक डॉक्टर ने धड़कनों का सौदा किया और उन लोगों तक को पेसमेकर लगा दिए, जिन्हें न तो कोई बीमारी थी और न ही उसकी जरूरत थी। आइए, जानते हैं पूरे केस के बारे में:

pacemakers

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सैफई का है। वहां के यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोपी डॉक्टर समीर सर्राफ ने अपनी अय्याशियां पूरी करने के लिए लोगों की जान से बड़े स्तर पर खिलवाड़ किया। उसने डुब्लीकेट और सस्ते पेसमेकर लगाकर लगभग 600 लोगों की जान के साथ खेल किया। हैरत की बात है कि सांसों के इस सौदागर ने पेसमेकर उन लोगों को भी लगा दिया, जिन्हें उसकी जरूरत नहीं थी और न ही कोई बीमारी थी।

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