सीसीटीवी फुटेज, फोन ट्रैकिंग और रेलवे रिकॉर्ड...कैसे सुलझी DU प्रोफेसर मर्डर केस की गुत्थी?

प्रोफेसर देबोस्मिता 4 जून को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट्स में अपने फ्लैट में मृत पाई गई थीं। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि आरोपियों ने संपत्ति विवाद को लेकर उनसे बहस करने के बाद फ्लैट में प्रवेश किया।

DU Professor Murder Case: पश्चिम बंगाल में संपत्ति विवाद से शुरू हुआ मामला दिल्ली में एक क्रूर, सुनियोजित हत्या में तब्दील हो गया। जांचकर्ताओं ने रविवार को पुष्टि की कि दिल्ली विश्वविद्यालय की 49 वर्षीय सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या पूर्वी दिल्ली स्थित उनके फ्लैट में एक ऐसे परिवार ने की, जो बंगाल के बर्धमान से अपराध को अंजाम देने आया था और कुछ ही घंटों में फरार हो गया। इस घटना के बाद कई राज्यों में जांच शुरू हुई, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, फोन ट्रैकिंग और रेलवे रिकॉर्ड के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगाया गया।

प्रोफेसर देबोस्मिता फ्लैट में मिली थीं मृत

प्रोफेसर देबोस्मिता 4 जून को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट्स में अपने फ्लैट में मृत पाई गई थीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपियों ने संपत्ति विवाद को लेकर उनसे बहस करने के बाद फ्लैट में प्रवेश किया। जब उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया, तो कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने कहा कि जबरन प्रवेश या चोरी के कोई निशान नहीं मिले, जिससे अंदरूनी मिलीभगत या पूर्व-जान-पहचान की आशंका और मजबूत होती है।

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