Fake Milk Business in Rajasthan: ऐसा दावा किया जाता है कि देश में दूध की उपलब्धता में कमी नहीं है। लेकिन आप अक्सर नकली दूध के कारोबार के बारे में सुनते होंगे। राजस्थान के अलवर जिले से ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें कब्ज वाली दवा और रिफाइंड ऑयल की मदद से नकली दूध ना सिर्फ बनाया जा रहा था बल्कि गुजरात के मेहसाणा में कलेक्शन सेंटर पर भेजा भी जाता था। सरस डेयरी की टीम ने एक घर पर छापा मार कर 2 हजार लीटर दूध की बरामदगी भी की। डेयरी के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की शिकायतें मिल रही थी कि कब्ज की दवा और रिफाइंड ऑयल के जरिए नकली दूध बनाया जा रहा है।
अलवर में नकली दूध का कारोबार(प्रतीकात्मक तस्वीर)
रेड के समय बन रहा था नकली दूध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलवर में डेयरी टीम ने आरोपी शेखर यादव और अशोक यादव के यहां छापा मारा और बड़ी मात्रा में दूध के साथ साथ इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं और रिफाइंड ऑयल को जब्त किया। डेयरी के चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने बताया कि जब बहरोड़ के गादोज गांव में टीम आरोपियों के घर छापेमारी के लिए पहुंची तो महिलाएं मिन्नतें करने लगीं कि वो गलत काम नहीं करतीं। एक आरोपी के यहां से 400 लीटर और दूसरे आरोपी के यहां से 1600 लीटत जब्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि सास और बहू दोनों इस कारोबार में शामिल थीं। जिस समय छापेमारी की गई उस वक्त दोनों नकली दूध बना रही थीं।
ऐसे कर सकते हैं नकली दूध की पहचान
वैसे तो दूध असली या नकली है इसका पहचान लैब में होती है। लेकिन घरेलू नुस्खों जैसे दूध के सुगंध से पता लगाया जा सकता है। पहली बात तो असली दूध पूरी तरह सफेद नहीं होता। दूसरी बात अगर दूध में डिटर्जेंट पाउडर या दवाई का इस्तेमाल हो को सुगंध में बदलाव हो जाता है। वैसे वैज्ञानिक तौर पर दूध के टेस्ट के लिए सॉलिड नेट फैट और आरएम-बीआर के जरिए पहचान की जाती है।
