राजस्थान में अवैध तरीके से उगाई जा रही गांजे की फसल के खिलाफ NCB, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन शंकर' के तहत उदयपुर के कोटड़ा इलाके में करीब 7,577 गांजे के पौधे नष्ट किए गए हैं।यह कार्रवाई उदयपुर जिले के कोटड़ा तहसील के नयावास गांव में की गई।
उदयपुर में 11.76 करोड़ की गांजे की फसल नष्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
टीम ने करीब 9.4 बीघा जमीन पर अवैध रूप से गांजे की खेती पकड़ी। NCB के मुताबिक, इन पौधों से करीब 2,273 किलो गांजा तैयार होने का अनुमान था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11.76 करोड़ रुपये बताई गई है।
11.76 करोड़ के गांजे पर चला बुलडोजर
ज्वाइंट टीम ने मौके पर पहुंचकर गांजे के पौधों को नष्ट कर दिया। कार्रवाई के बाद NCB जोधपुर ने क्राइम नंबर 07/2026 दर्ज किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है और अवैध खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।
अवैध खेती की निगरानी होगी और सख्त
राजस्थान सरकार ने नशीली फसलों की अवैध खेती पर निगरानी और रिपोर्टिंग को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। पटवारियों को अपने इलाकों में गिरदावरी के दौरान नियमित रूप से खेतों की जांच करने और संदिग्ध खेती की जानकारी तुरंत गिरदावर और तहसीलदार को देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद गिरदावर मौके पर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे और जमीन, जमीन मालिक, फसल का क्षेत्रफल, इसमें शामिल लोगों और पहले हुई किसी कार्रवाई समेत पूरी जानकारी की रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर ANTF और NCB को भेजनी होगी। सरकार ने साफ किया है कि जानकारी देने में लापरवाही या देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों की सख्ती से निगरानी करने को कहा गया है।
2027 तक अवैध गांजा-अफीम की खेती खत्म करने का लक्ष्य
नारकोटिक्स कंट्रोल से जुड़े विजन डॉक्यूमेंट में देश के चिन्हित इलाकों में दिसंबर 2027 तक अवैध गांजा और अफीम की खेती खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियों, जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जुड़े लोगों के बीच तालमेल के साथ कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
